चार रोजगारोन्मुखी स्नातक पाठ्यक्रमों में 210 सीटें, 16 नए फैकल्टी पद और उपकरणों के लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत
हमीरपुर को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के चलते हमीरपुर में उत्तर भारत का पहला पूर्णतः स्वतंत्र एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज स्थापित किया गया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के स्थापित होने से हिमाचल समेत उत्तर भारत के युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
कॉलेज में शुरुआती चरण में चार रोजगारोन्मुखी स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें बैचलर ऑफ रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी और बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में 60-60 सीटें निर्धारित की गई हैं।
इसके अलावा बैचलर ऑफ एनेस्थीसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी में 60 सीटें और बैचलर ऑफ डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी में 30 सीटें होंगी। इस तरह हर वर्ष कुल 210 विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि कॉलेज पूर्णतः स्वतंत्र संस्थान के रूप में कार्य करेगा। इसके सुचारु संचालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानाचार्य, सहायक प्राध्यापकों और ट्यूटर्स सहित फैकल्टी के 16 नए पद सृजित किए गए हैं।
इसके अलावा कॉलेज में आवश्यक इंस्ट्रूमेंट खरीदने के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि एलाइड हेल्थकेयर आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है और इस संस्थान के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह कॉलेज हमीरपुर को एलाइड हेल्थकेयर शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाएगा। वहीं, भाजपा नेताओं द्वारा मेडिकल कॉलेज का श्रेय लेने के सवाल पर डॉ.
पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार इसके दस्तावेज पेश कर चुके हैं कि इसे किसने स्वीकृत किया था। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर कोई यह कहे कि एम्स भी उनके द्वारा लाया गया है, तो क्या उसका श्रेय भी उन्हें मिलने लगेगा।
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