रोगी कल्याण समिति की बैठक में फैसला, सामान्य वार्ड में 30 हजार और स्पेशल वार्ड में 50 हजार रुपये से बढ़ेंगी सर्जरी की दरें; सरकार की मंजूरी के बाद लागू होंगे नए शुल्क
शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अब रोबोटिक सर्जरी करवाना महंगा हो सकता है। इसके अलावा अस्पताल में अब तक मुफ्त होने वाले एक्सरे के लिए भी मरीजों को शुल्क देना पड़ सकता है।
अस्पताल प्रबंधन ने रोबोटिक सर्जरी की दरों में बढ़ोतरी और एक्सरे शुल्क निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए। शुल्क बढ़ने से मरीजों की जेब पर सीधा असर पड़ सकता है।
रोबोटिक सर्जरी की दरें बढ़ाने के लिए बनेगी समिति
आईजीएमसी में फिलहाल सामान्य वार्ड में भर्ती मरीजों से रोबोटिक सर्जरी के लिए 30 हजार रुपये और स्पेशल वार्ड में भर्ती मरीजों से 50 हजार रुपये शुल्क लिया जाता है। हालांकि, महंगे उपकरणों पर होने वाला खर्च इन दरों से पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन अब रोबोटिक सर्जरी का शुल्क बढ़ाने की तैयारी में है।
नई दरें निर्धारित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से समिति गठित की गई है। हर रोग की रोबोटिक सर्जरी के लिए अलग-अलग शुल्क तय किया जाएगा। समिति की ओर से तैयार प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ही मरीजों से बढ़ी हुई दरों के अनुसार शुल्क वसूला जाएगा।
अब एक्सरे के लिए भी देना पड़ सकता है शुल्क
आईजीएमसी में अब तक मुफ्त होने वाले एक्सरे के लिए भी मरीजों से शुल्क लेने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 में निर्धारित दरों के आधार पर एक्सरे शुल्क लिया जा सकता है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया है। शुल्क निर्धारित करने के बाद प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा और मंजूरी मिलने पर ही मरीजों से इसकी वसूली शुरू होगी।
बैठक में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि आरकेएस की बैठक में एक्सरे शुल्क लेने का निर्णय हुआ है। शुल्क निर्धारित कर सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
सेनिटेशन और सामान ढुलाई के मुद्दे पर भी चर्चा
रोगी कल्याण समिति की बैठक में अस्पताल की सेनिटेशन व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक वर्तमान में सेवाएं दे रही कंपनी ही काम जारी रखेगी। इसके अलावा अस्पताल में सामान की ढुलाई के लिए वर्तमान में कार्यरत ठेकेदार का टेंडर पुरानी दरों पर ही नवीनीकृत करने के लिए कहा गया है।
चमियाना अस्पताल में पहले ही बढ़ चुकी हैं रोबोटिक सर्जरी की दरें
शिमला के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में फरवरी में रोबोटिक सर्जरी की दरों में बढ़ोतरी की गई थी। यहां सामान्य वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए शुल्क 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया था। वहीं, स्पेशल वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए यह शुल्क 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये किया गया था।
आईजीएमसी में भी अब तक सामान्य दरों पर 150 रोबोटिक सर्जरी पूरी हो चुकी हैं। इसके बाद अस्पताल में सर्जरी की दरों में बढ़ोतरी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आईजीएमसी में 150, चमियाना में 320 से अधिक रोबोटिक सर्जरी
आईजीएमसी शिमला में अब तक 150 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। यहां सर्जरी विभाग के अलावा स्त्री रोग और शिशु रोग विभाग में भी रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन किए गए हैं। वहीं, चमियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशियलिटीज में विभिन्न विभागों की ओर से अब तक 320 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं।
पहले रोबोटिक सर्जरी करवाने के लिए मरीजों को चंडीगढ़ सहित अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता था। अब हिमाचल प्रदेश में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को राहत मिल रही है।
रोबोटिक सर्जरी में पारंपरिक सर्जरी की तुलना में आमतौर पर छोटे चीरे लगाए जाते हैं और रक्तस्राव भी कम हो सकता है। इससे कुछ मामलों में मरीज की रिकवरी जल्दी होने और अस्पताल में कम समय तक रहने की संभावना रहती है। हालांकि, रिकवरी और अस्पताल से छुट्टी मिलने का समय मरीज की स्थिति और सर्जरी के प्रकार पर निर्भर करता है।
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