सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट में मिले थे नकली नोट, अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी जांच एजेंसी
सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोटों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड हरीश रॉटा को 22 अक्टूबर को मनाली से गिरफ्तार किया।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी बड़े पैमाने पर नकली भारतीय मुद्रा की छपाई और अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क के संचालन में शामिल था।
नकली नोटों की सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज
एनआईए अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोटों को बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचाया गया और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके साथ ही आरोपी के स्थानीय संपर्कों और नोटों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पहले गिरफ्तार आरोपियों से भी जुड़े तार
एनआईए की जांच के अनुसार, हरीश रॉटा इस कथित षड्यंत्र के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। उस पर बड़े पैमाने पर नकली नोट छापने और उनकी आपूर्ति करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि नकली नोट विभिन्न संपर्कों के माध्यम से सहारनपुर स्थित बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचाए गए थे।
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी आदेश चौधरी और हाल ही में अंबाला से गिरफ्तार अजय कुमार से भी हरीश रॉटा के संबंध सामने आए हैं। एजेंसी इन संबंधों की जांच कर नकली मुद्रा की छपाई और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
29 अगस्त को सामने आया था मामला
यह मामला 29 अगस्त को सहारनपुर के सदर बाजार थाने में सामने आया था। इसके बाद 3 सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। अब हरीश रॉटा की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी नकली नोटों की छपाई, उनकी अंतरराज्यीय आपूर्ति और बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
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