मुख्य अतिथि प्रमोद कुमार ने विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर, सोशल मीडिया और नशे से दूरी का दिया संदेश
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित स्वामी विवेकानंद सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह सोलन महाविद्यालय में आयोजित किया गया। समारोह में प्रमोद कुमार को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर, सोशल मीडिया, अनुशासन, नशे से दूरी और राष्ट्र निर्माण सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर सुनील शर्मा, पूर्व NEC Member एवं विभाग संगठन मंत्री, जम्मू एवं कठुआ विभाग, ABVP J&K भी उपस्थित रहे।
गांव कदौर, डाकघर अंजी ब्राह्मणा, तहसील कंडाघाट, जिला सोलन से संबंध रखने वाले प्रमोद कुमार की विद्यार्थी जीवन से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी पृष्ठभूमि रही है।
सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद भी वे लगातार युवाओं के साथ संवाद और उनके मार्गदर्शन को विशेष महत्व देते रहे हैं। युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित करने के लिए वे विभिन्न अवसरों पर विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हैं।
मुख्य अतिथि प्रमोद कुमार ने कहा कि आज के दौर में युवाओं के सामने अवसर भी बहुत हैं और चुनौतियां भी। सोशल मीडिया ने दुनिया को हमारी हथेली में ला दिया है, लेकिन इसका विवेकपूर्ण उपयोग करना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सोशल मीडिया पर घंटों समय बिताने के बजाय इसका उपयोग ज्ञान अर्जित करने, नई चीजें सीखने, करियर के अवसर तलाशने और अपनी प्रतिभा को दुनिया तक पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि सोशल मीडिया उनका भविष्य तय न करे, बल्कि अनुशासन, मेहनत और सही निर्णय उनके भविष्य की दिशा तय करें। उन्होंने युवाओं से अपनी डिजिटल आदतों पर नियंत्रण रखने और वास्तविक जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।
करियर के विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रमोद कुमार ने कहा कि आज केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर उसके अनुरूप ज्ञान, कौशल, संचार क्षमता और नेतृत्व क्षमता विकसित करनी होगी।
उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखते रहने और बदलती तकनीक तथा रोजगार के नए अवसरों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि युवावस्था जीवन का वह दौर है, जिसमें लिए गए निर्णय आने वाले दशकों की दिशा निर्धारित करते हैं। इसलिए युवाओं को अपने समय और ऊर्जा का सही उपयोग करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेल, व्यायाम, रचनात्मक गतिविधियों, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में भाग लेने का आह्वान किया।
नशे की बढ़ती चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे और अन्य विनाशकारी प्रवृत्तियों से स्वयं भी दूर रहना चाहिए और अपने साथियों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मजबूत युवा ही मजबूत परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव रख सकता है।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि विवेकानंद जी ने युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जगाने का कार्य किया। आज के युवाओं के लिए उनका जीवन इस बात की प्रेरणा है कि अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा जाए।
उन्होंने सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में ज्ञान के प्रति रुचि, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, जिज्ञासा और राष्ट्र के प्रति जागरूकता पैदा करने में सहायक होती हैं।
समारोह में प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद भी किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।
कार्यक्रम में युवाओं को यह संदेश दिया गया कि वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि अपने चरित्र, ज्ञान और कर्म से समाज एवं राष्ट्र की दिशा तय करने वाले जिम्मेदार नागरिक बनें।
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