रेणुका से उपचार के लिए पहुंचे अनंत राम शर्मा का आरोप- पैरासिटामोल जैसी सामान्य दवा भी नहीं मिली, अस्पताल प्रशासन का पक्ष आना बाकी
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवाने के दावों के बीच पांवटा सिविल अस्पताल की व्यवस्था पर 85 वर्षीय बुजुर्ग ने सवाल उठाए हैं। रेणुका क्षेत्र के भोलोना गांव निवासी अनंत राम शर्मा किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं और लंबे समय से उपचार करवा रहे हैं।
उपचार के लिए वह पांवटा सिविल अस्पताल पहुंचे थे, जहां उनके अनुसार उन्हें आवश्यक सरकारी दवाइयां उपलब्ध नहीं हो सकीं।
मीडिया से बातचीत में अनंत राम शर्मा ने बताया कि उनकी किडनी फेल है और लंबे समय से उनका उपचार चल रहा है। इसी उम्मीद के साथ वह दूर से पांवटा सिविल अस्पताल पहुंचे थे कि सरकारी अस्पताल में उन्हें उपचार के साथ जरूरी दवाइयां भी मिल जाएंगी। हालांकि, उनके अनुसार अस्पताल में उन्हें दवाइयां नहीं मिल पाईं।
बुजुर्ग का दावा है कि उन्हें पैरासिटामोल जैसी सामान्य दवा तक उपलब्ध नहीं करवाई गई। उन्होंने कहा कि जब सरकारी अस्पताल में सामान्य दवाइयों के लिए भी मरीजों को परेशानी उठानी पड़े तो दूर-दराज से आने वाले गरीब और बुजुर्ग मरीजों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
अनंत राम शर्मा ने कहा कि मरीज बड़ी उम्मीद लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचते हैं। यदि अस्पताल में उपचार के लिए जरूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं होंगी तो मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
इस मामले के सामने आने के बाद पांवटा सिविल अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उस समय अस्पताल में आवश्यक दवाइयों का स्टॉक उपलब्ध था या नहीं, यदि नहीं था तो इसकी वजह क्या रही और मरीजों को दवाइयां कब तक उपलब्ध होंगी, इन सवालों पर अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube