PWD मंत्री ने रोजगार, निवेश और AI क्षमता बढ़ाने की जरूरत बताई, मानसून से विभाग को 1,500-1,600 करोड़ रुपये के नुकसान की जानकारी दी
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित हो रहे BRICS सम्मेलन को भारत के लिए गर्व की बात बताया। उन्होंने कहा कि भारत को BRICS जैसे मंच पर अपनी भूमिका और नेतृत्व को और मजबूत करना चाहिए। उनके अनुसार BRICS केवल विचारधारा से जुड़ा मंच नहीं है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय हितों से संबंधित एक महत्वपूर्ण संगठन है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि भारत को ब्राजील, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका सहित BRICS के सभी सदस्य देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि BRICS के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार, निवेश और रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि चीन इन क्षेत्रों में भारत से काफी आगे निकल चुका है और भारत को अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
रूस के साथ मजबूत संबंधों पर जोर
रूस के साथ भारत के संबंधों का जिक्र करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने रूस को भारत का पुराना और भरोसेमंद मित्र बताया। उन्होंने 1971 के युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए रूस सहित सभी देशों के साथ संतुलित और मजबूत संबंध बनाए रखने चाहिए।
उन्होंने मौजूदा वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के विकल्प के तौर पर वैकल्पिक मुद्रा और मजबूत बैंकिंग चैनलों पर विचार करने की आवश्यकता भी बताई।
हिमालयी क्षेत्र में आपदाओं को लेकर चिंता
विक्रमादित्य सिंह ने हिमालयी क्षेत्र में बदलते पर्यावरण और बढ़ती निर्माण गतिविधियों को गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा चीन और नेपाल से जुड़े हिमालयी क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनाओं तथा अन्य निर्माण गतिविधियां हो रही हैं।
उन्होंने हाल में हिमाचल, उत्तराखंड और नेपाल में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए हिमालयी क्षेत्र को लेकर व्यापक संवाद की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक राज्य या देश का विषय नहीं है, बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र से जुड़ा मुद्दा है।
PWD मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। आपदा की स्थिति में पड़ोसी देशों के साथ बेहतर समन्वय और लगातार संवाद जरूरी है।
मानसून से PWD को 1,500-1,600 करोड़ का नुकसान
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इस मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग को सड़कों, पुलों और अन्य सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान से करीब 1,500 से 1,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2024 की तुलना में इस बार नुकसान कम है। उन वर्षों में नुकसान का आंकड़ा करीब 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।
उन्होंने कहा कि सरकार क्षतिग्रस्त सड़कों और बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए लगातार काम कर रही है। करीब 800 किलोमीटर सड़कों के सुधार के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। बारिश का दौर खत्म होने के बाद अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेटलिंग और सड़क सुधार के कार्य शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि करीब 350 किलोमीटर सड़कों पर अलग-अलग जोन में काम किया जाएगा। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मार्च-अप्रैल में प्रभावित हुए कुछ सड़क कार्यों को अक्टूबर-नवंबर में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्ट रोड चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी
शिमला के कार्ट रोड चौड़ीकरण को लेकर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इसकी प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। उन्होंने स्वयं अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया है और अब प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।
उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण निर्धारित नीति के तहत किया जाएगा और जमीन मालिकों को सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्ट रोड के चौड़ीकरण से शिमला में यातायात व्यवस्था को काफी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए दो सुरंगें भी प्रस्तावित हैं, जिनमें से पहली परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है। इन सुरंगों के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों को बेहतर ढंग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोगों को हर बार मुख्य शहर से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विक्रमादित्य सिंह ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ये सुरंगें शिमला की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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