रजनीश किमटा ने विक्रमादित्य सिंह को बताया था अगला मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री ने कहा- मैं वर्तमान में रहता हूं और मिली जिम्मेदारी निभाने का प्रयास कर रहा हूं
हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव रजनीश किमटा की ओर से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बताए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
इस बीच विक्रमादित्य सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी सफर बहुत लंबा है और वह वर्तमान में मिली जिम्मेदारी को निभाने का प्रयास कर रहे हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि रजनीश किमटा ने जो बात कही है, वह उनके मन का भाव है। इसे किसी दूसरे नजरिये से देखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "अभी सफर बहुत लंबा है। इसमें उतार-चढ़ाव आएंगे। मैं वर्तमान में रहता हूं और जो जिम्मेदारी मिली है, उसे निभाने का प्रयास कर रहा हूं। मैं जहां हूं, वहीं खुश हूं।"
रजनीश किमटा ने विक्रमादित्य को बताया था अगला मुख्यमंत्री
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव रजनीश किमटा ने विक्रमादित्य सिंह को हिमाचल प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बताया था। उन्होंने कहा था कि हिमाचल का भविष्य मंच पर मौजूद है और विक्रमादित्य प्रदेश का नेतृत्व करेंगे। किमटा ने उन्हें एक परिपक्व नेता बताते हुए यह भी कहा था कि सचिन पायलट के बाद दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए विक्रमादित्य सिंह की मांग रहती है।
मुख्यमंत्री पद के दावे पर विक्रमादित्य की प्रतिक्रिया
रजनीश किमटा के बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विक्रमादित्य सिंह ने अपने बयान में न तो मुख्यमंत्री पद के दावे का समर्थन किया और न ही इसे खारिज किया। वहीं, इस बयान को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समर्थकों की ओर से विरोध की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।
चौपाल में 255 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का जिक्र
इस दौरान विक्रमादित्य सिंह ने चौपाल क्षेत्र में करीब 255 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इनमें लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 17 सड़कों का निर्माण शामिल है। साथ ही उन्होंने ठियोग-चौपाल सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का भरोसा भी दिया।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर शुरू हुई यह चर्चा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में अहम मुद्दा बनी रह सकती है। फिलहाल विक्रमादित्य सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में वर्तमान जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की बात कही है।
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