सुबह-शाम मिलेगी वालीबाल और फिजिकल फिटनेस की ट्रेनिंग, सेना और पुलिस में भर्ती होने में पहले भी मददगार रही एकेडमी; हॉस्टल सुविधा शुरू करने की भी योजना
हिमाचल प्रदेश के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत इंदौरा के थपकौर में गुरु राजीव वशिष्ठ वालीबाल एवं फिटनेस एकेडमी का शुभारंभ किया गया। इस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना, उन्हें शारीरिक रूप से फिट रखना और नशे से दूर रखकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
यहां बच्चों और युवाओं को वालीबाल की बारीकियों के साथ फिजिकल फिटनेस का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
10 से 12 साल पुरानी एकेडमी दोबारा शुरू
एकेडमी के संचालक गुरु राजीव वशिष्ठ ने बताया कि यह पहल करीब 10 से 12 वर्ष पुरानी है। कुछ समय तक बंद रहने के बाद अब एकेडमी को दोबारा शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि वालीबाल प्रशिक्षण के साथ युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत और फिट बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पहले भी एकेडमी में प्रशिक्षण लेने वाले कई बच्चे सेना और पुलिस में भर्ती होकर अपना भविष्य संवार चुके हैं। एकेडमी का प्रयास है कि आगे भी अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेलों और फिटनेस के माध्यम से सफलता की राह पर आगे बढ़ने का अवसर मिले।
सुबह-शाम मिलेगी वालीबाल और फिटनेस की ट्रेनिंग
गुरु राजीव वशिष्ठ ने बताया कि एकेडमी में सुबह और शाम वालीबाल तथा फिजिकल फिटनेस का अभ्यास करवाया जाएगा। प्रशिक्षण लेने के इच्छुक बच्चे निर्धारित फॉर्म भरकर पंजीकरण करवा सकते हैं।
पंजीकरण से संबंधित जानकारी और फॉर्म व्हाट्सएप ग्रुप तथा फेसबुक के माध्यम से उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए कुछ शुल्क भी निर्धारित किया गया है, ताकि बच्चे नियमित रूप से अभ्यास करें और प्रशिक्षण के प्रति गंभीर रहें।
खेलों से शारीरिक और मानसिक विकास पर जोर
गुरु राजीव वशिष्ठ ने कहा कि आज बच्चों और युवाओं पर पढ़ाई सहित विभिन्न कारणों से मानसिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में खेलकूद उनके शारीरिक विकास के साथ मानसिक मजबूती के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से बच्चे जीत और हार को स्वीकार करना, अनुशासन में रहना, निर्णय लेना और कठिन परिस्थितियों का सामना करना सीखते हैं। खेलों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद के लिए भी प्रोत्साहित करें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
दूसरे राज्यों से भी प्रशिक्षण लेने पहुंचते थे युवा
गुरु राजीव वशिष्ठ ने बताया कि पहले जब एकेडमी संचालित होती थी, तब चंबा, पालमपुर सहित अन्य क्षेत्रों और दूसरे राज्यों से भी बच्चे वालीबाल और फिजिकल फिटनेस का प्रशिक्षण लेने आते थे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चों ने अच्छे परिणाम भी हासिल किए थे।
उन्होंने बताया कि इस बार एकेडमी में हॉस्टल की सुविधा शुरू करने की भी योजना है। इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था नजदीक में करवाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले बच्चों को खेल प्रशिक्षण के साथ शिक्षा प्राप्त करने में भी सुविधा मिल सके।
युवाओं को नशे से दूर रखकर सही दिशा देना लक्ष्य
गुरु राजीव वशिष्ठ ने कहा कि एकेडमी के माध्यम से बच्चों और युवाओं को सकारात्मक दिशा देना उनका प्रमुख उद्देश्य है। खेलों के प्रति रुचि बढ़ाकर उन्हें नशे से दूर रखना और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना इस पहल का हिस्सा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि एकेडमी दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिलेगा।
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