ऊना के अंदोरा निवासी पैरा एथलीट ने हाई जंप और लॉन्ग जंप में जीते स्वर्ण पदक, गुपचुप तरीके से की थी लॉन्ग जंप की तैयारी; मां की आंखों से छलके खुशी के आंसू
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अम्ब उपमंडल के अंदोरा गांव के अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट निषाद कुमार ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर एक बार फिर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
जापान में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में निषाद कुमार ने दो स्वर्ण पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। हाई जंप में अपनी पहचान बना चुके निषाद ने इस बार लॉन्ग जंप में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
खास बात यह रही कि निषाद कुमार ने हाई जंप की तैयारी के साथ-साथ गुपचुप तरीके से लॉन्ग जंप का अभ्यास भी जारी रखा था। उनकी मेहनत और तैयारी का नतीजा रहा कि वह दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। बुधवार को घर लौटने पर हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार मैहतपुर में उनका ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया।
मैहतपुर में ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत
निषाद कुमार के मैहतपुर पहुंचने पर उनके माता-पिता और बहन के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने उनका जोरदार अभिनंदन किया। इस दौरान समर्थकों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। बेटे की ऐतिहासिक सफलता पर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पूरे स्वागत समारोह में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
निषाद कुमार ने बताया कि वह हाई जंप में पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। इस बार एशियाई पैरा गेम्स के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने अपनी मां से दो गोल्ड मेडल जीतकर लौटने की बात कही थी। हालांकि, दोनों स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
गुपचुप तरीके से की लॉन्ग जंप की तैयारी
निषाद ने बताया कि हाई जंप की तैयारी के साथ-साथ उन्होंने लॉन्ग जंप का अभ्यास भी जारी रखा। परिवार के सहयोग और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से वह दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को मेहनत का परिणाम बताया।
युवाओं को संदेश देते हुए निषाद कुमार ने कहा कि जीवनशैली चुनौतीपूर्ण होनी चाहिए और सुबह की शुरुआत आसान नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, लगातार मेहनत और चुनौतियों का सामना करने से ही ऐसी जीत का आनंद मिलता है।
कोच नसीम अहमद ने की निषाद की मेहनत की सराहना
निषाद कुमार के कोच नसीम अहमद ने भी उनकी सफलता पर खुशी जाहिर की। जब उनसे पूछा गया कि निषाद उनकी उम्मीदों पर कितना खरा उतरे हैं, तो उन्होंने कहा कि निषाद अब खरा उतरने की कसौटी से भी कहीं आगे निकल चुके हैं।
नसीम अहमद के अनुसार, निषाद ने बेहद अनुशासन के साथ प्रतियोगिता की तैयारी की थी। उनकी मेहनत का परिणाम दो स्वर्ण पदकों के रूप में सामने आया है।
निषाद कुमार की इस उपलब्धि से जिला ऊना और हिमाचल प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube