खटोला गांव के प्रभावित परिवारों ने एसडीएम सदर को सौंपा आवेदन, गोशाला को हुए नुकसान का आकलन कर उचित कार्रवाई की लगाई गुहार
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में शिमला-मटौर फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुए भूस्खलन से किसानों की कृषि भूमि, खेतों में खड़ी फसलों और गोशाला को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। प्रभावित परिवारों ने इस संबंध में एसडीएम सदर बिलासपुर को आवेदन सौंपकर नुकसान का मुआवजा देने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
फोरलेन निर्माण के दौरान कृषि भूमि और फसलें प्रभावित
आवेदन में गांव खटोला, उप तहसील नम्होल, जिला बिलासपुर निवासी मनोज कुमार पुत्र बालू राम और सतपाल कुमार पुत्र दिला राम ने बताया कि फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान हुए भूस्खलन से उनकी कृषि भूमि प्रभावित हुई है। इसके कारण खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा उनकी गोशाला को भी नुकसान पहुंचा है।
आर्थिक नुकसान से प्रभावित परिवार परेशान
प्रभावित परिवारों के अनुसार, कृषि भूमि और फसलों को हुए नुकसान के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गोशाला को नुकसान पहुंचने से पशुओं की सुरक्षा और देखभाल को लेकर भी समस्या उत्पन्न हो गई है।
प्रशासन से मुआवजे और उचित कार्रवाई की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी कृषि भूमि, फसलों और गोशाला को हुए नुकसान का उचित आकलन करवाया जाए। उन्होंने नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने के साथ ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
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