भाजपा विधायक बोले- कांग्रेस सरकार संस्थान बंद और शिफ्ट करने में लगी, आदेश वापस नहीं हुआ तो बिलासपुर की जनता करेगी आंदोलन
सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के बिलासपुर स्थित हॉर्टिकल्चर सब-डिविजन को नादौन शिफ्ट करने के फैसले पर प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का संस्थानों को बंद करने और एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करने का सिलसिला लगातार जारी है।
त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि सरकार जनहित में नए काम करने के बजाय पुराने संस्थानों को कमजोर कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार को बिलासपुर जिले से इतनी नाराजगी क्यों है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिलासपुर की जनता द्वारा भाजपा के तीन विधायक चुनना कांग्रेस सरकार की नाराजगी का कारण बन गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने गृह क्षेत्र को फायदा पहुंचाने के लिए बिलासपुर का हक छीन रहे हैं।
कई संस्थान बंद करने का लगाया आरोप
भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में कई संस्थानों को बंद किया गया है या फिर उनका स्थानांतरण किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय जनहित में खोले गए हजारों संस्थानों को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया। इनमें एम्स बिलासपुर को ध्यान में रखते हुए खोला गया जल शक्ति विभाग का डिविजन कार्यालय, हरलोग उप-तहसील, गर्ल्स आईटीआई और कई स्कूल शामिल हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि विभाग के कई एक्सटेंशन सेंटर भी बंद किए गए। इसके अलावा वर्ष 1971 से बिलासपुर में चल रहे एमएंडडी सर्कल को हमीरपुर शिफ्ट कर दिया गया।
हॉर्टिकल्चर सब-डिविजन शिफ्ट करने पर उठाए सवाल
त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि अब PWD के हॉर्टिकल्चर सब-डिविजन को भी बिलासपुर से नादौन स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 29 जुलाई को अधिसूचना जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1988 से बिलासपुर में चल रहे इस सब-डिविजन में एसडीओ और जेई समेत कुल स्वीकृत 41 पदों में से 27 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि इस सब-डिविजन के तहत कोठीपुरा, सुंगल, बनेर और गंभरोला नर्सरियां आती हैं, जहां तैयार किए जाने वाले पौधे ऊना, नूरपुर, डलहौजी, धर्मपुर, देहरा और हमीरपुर सर्कल तक भेजे जाते हैं।
नादौन में व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल
विधायक ने कहा कि नर्सरियां विकसित करने में 3 से 4 साल का समय लगता है। वहीं नादौन में फिलहाल नर्सरियों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि नए स्थान पर आधारभूत ढांचा तैयार करने में करोड़ों रुपये खर्च होंगे, जबकि सरकार लगातार आर्थिक संकट का हवाला देती रहती है।
आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
त्रिलोक जम्वाल ने सरकार से हॉर्टिकल्चर सब-डिविजन को नादौन शिफ्ट करने का आदेश तुरंत वापस लेने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो बिलासपुर की जनता अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
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