पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर सभी सात जोड़ी ट्रेनों की बहाली में हो रही देरी को लेकर कांगड़ा जिले में लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कांगड़ा घाटी रेल बहाली संघर्ष समिति ने रेलवे मंत्रालय से जल्द सभी ट्रेनों को पुरानी समयसारिणी के अनुसार शुरू करने की मांग की है।
समिति का कहना है कि जब पठानकोट से बैजनाथ तक दो जोड़ी ट्रेनें चल सकती हैं तो बाकी पांच जोड़ी ट्रेनों को बहाल करने में देरी क्यों की जा रही है।
15 दिन में ट्रेनें बहाल नहीं हुईं तो दिल्ली में प्रदर्शन
कांगड़ा घाटी रेल बहाली संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर सभी सात जोड़ी ट्रेनों को बहाल नहीं किया गया तो हिमाचल की जनता केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। समिति ने इसके लिए जनसंपर्क अभियान शुरू कर लोगों से समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है।
रेलवे फाटक समस्या को लेकर उठाए सवाल
पीसी विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि पठानकोट के रेलवे फाटकों की समस्या को कारण बताकर ट्रेनों की बहाली में देरी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि रेलवे फाटक लोगों की परेशानी का कारण हैं तो चार साल तक रेल सेवा बंद रहने के दौरान रेलवे को अंडर ब्रिज या ओवर ब्रिज बनाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि रेल सेवा बहाल करने के बजाय जनता की परेशानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
दो ट्रेनों से यात्रियों को नहीं मिल रही राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग पर केवल दो जोड़ी ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य साधूराम राणा ने कहा कि जब दो जोड़ी ट्रेनें चल सकती हैं तो बाकी पांच जोड़ी ट्रेनों को भी शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम ट्रेनों के कारण यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है और कांगड़ा के शक्तिपीठों में आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है।
चार साल बाद दो ट्रेनें चलाने पर उठे सवाल
नगरोटा सूरियां निवासी कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि चक्की खड्ड रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने के चार साल बाद दो जून को दो ट्रेनें शुरू की गईं, लेकिन इससे लोगों की पूरी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय को जनहित को देखते हुए सभी ट्रेनों को बहाल करना चाहिए।
15 अगस्त तक बहाली की मांग
संघर्ष समिति के सदस्यों ने मांग की है कि पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक सभी रेलगाड़ियों को पूर्व की समयसारिणी के अनुसार 15 अगस्त तक बहाल किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि रेलवे बोर्ड ने इस दिशा में जल्द फैसला नहीं लिया तो कांगड़ा की जनता दिल्ली पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी।
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