रूपणी पंचायत के लोगों ने सौंपा मांग पत्र, बोले- 1996-97 से अधूरी पड़ी है सड़क, हजारों ग्रामीणों को हो रही परेशानी
चंबा जिले की ग्राम पंचायत रूपणी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को मांग पत्र सौंपकर राजनगर-भंडार सड़क के निर्माण के लिए नाबार्ड योजना के तहत शीघ्र धनराशि जारी करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मंजरी शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि लंबे समय से लंबित इस सड़क परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
करीब तीन दशक से अधूरी पड़ी है सड़क
ग्रामीणों ने बताया कि राजनगर-भंडार सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 1996-97 में शुरू हुआ था, लेकिन लगभग तीन दशक बीत जाने के बाद भी यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण अधूरा रहने के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वन स्वीकृति और DPR तैयार, बजट का इंतजार
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 4 किलोमीटर लंबी इस सड़क के लिए वन विभाग की आवश्यक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार कर ली गई है। इसके बावजूद नाबार्ड से बजट स्वीकृत न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
दर्जनों गांवों की जीवनरेखा है यह सड़क
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क रूपणी पंचायत के दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ती है और हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा का काम करती है।
मानसून के दौरान अधूरी और कच्ची सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे मरीजों, स्कूली बच्चों और आम लोगों को आवाजाही में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जनहित में जल्द निर्णय लेने की मांग
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने और नाबार्ड से जल्द धनराशि स्वीकृत करवाने का आग्रह किया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए सड़क निर्माण का रास्ता जल्द साफ करेगी।
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