नाहन में भाजपा सांसद ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल, 150 से अधिक स्कूलों में शिक्षक न होने का किया दावा
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुरेश कश्यप ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर बदहाल कानून-व्यवस्था, चरमराती स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था और बढ़ते कर्ज को लेकर तीखा हमला बोला है।
नाहन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त कर्ज लेकर प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेल दिया है।
51 हजार करोड़ रुपये के कर्ज का लगाया आरोप
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद प्रदेश पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ा है। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल में अब तक करीब 51 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज ले चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इतना भारी-भरकम कर्ज लेने के बावजूद प्रदेश में धरातल पर विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। कश्यप ने दावा किया कि कर्ज की राशि विकास योजनाओं पर खर्च होने के बजाय फिजूलखर्ची और चहेतों को लाभ पहुंचाने में खर्च की जा रही है।
150 से अधिक स्कूलों में शिक्षक नहीं होने का दावा
भाजपा सांसद ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्थिति का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश में 150 से अधिक सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां वर्तमान में एक भी शिक्षक तैनात नहीं है।
कश्यप ने यह भी दावा किया कि राज्य के 3,500 से अधिक सरकारी स्कूल मात्र एक शिक्षक के सहारे संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की ऐसी स्थिति प्रदेश के बच्चों के भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
सुरेश कश्यप ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक में चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है।
उन्होंने दावा किया कि स्टाफ की कमी के कारण आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हासिल करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हिमकेयर और सहारा योजना को लेकर साधा निशाना
भाजपा सांसद ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई हिमकेयर और सहारा योजनाओं को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का अभाव बताकर इन कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है।
कश्यप ने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावित होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर महंगे इलाज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है और कई परिवारों को निजी अस्पतालों में उपचार करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बढ़ते कर्ज के बोझ को नियंत्रित करने की मांग की।
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