सरकार ने मशीनरी और उपकरणों के लिए 6.87 करोड़ रुपये किए जारी, IGMC शिमला और टांडा में रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी कोर्स भी होगा शुरू
हिमाचल प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के साथ प्रदेश में प्रशिक्षित एलाइड एवं हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
इसी कड़ी में राज्य सरकार ने हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के साथ स्वास्थ्य संस्थानों के लिए कुशल तकनीकी कार्यबल तैयार करना है।
हमीरपुर कॉलेज में होंगी 330 सीटें
हमीरपुर में स्थापित होने वाले इस कॉलेज में विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की कुल 330 सीटें होंगी। इनमें बीएससी लेबोरेटरी साइंसेज, बीएससी रेडियोलॉजी, बीएससी एनेस्थीसिया, बीएससी ऑप्टोमेट्री और बीएससी फिजियोथेरेपी की 60-60 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा डायलिसिस टेक्नीशियन पाठ्यक्रम में 30 सीटें होंगी।
राज्य सरकार ने संस्थान के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की खरीद के लिए 6.87 करोड़ रुपये जारी करने का भी निर्णय लिया है।
यह कॉलेज प्रदेश के विद्यार्थियों को राज्य के भीतर ही विशेष स्वास्थ्य एवं तकनीकी प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर देगा। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षित एलाइड एवं हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
IGMC और टांडा में शुरू होगा नया पाठ्यक्रम
विशेष स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत सरकार ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (IGMC), शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।
दोनों संस्थानों में इस पाठ्यक्रम की वार्षिक प्रवेश क्षमता 30-30 सीट होगी। यह पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू किया जाएगा। इससे प्रदेश में रेडिएशन थेरेपी के क्षेत्र में प्रशिक्षित तकनीकी कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी।
पहले से संचालित हैं कई एलाइड हेल्थकेयर कोर्स
वर्तमान में IGMC शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी और डायलिसिस टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न एलाइड एवं हेल्थकेयर पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विस्तार और नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत से उभरते एवं विशेष चिकित्सा क्षेत्रों में स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने की राज्य की क्षमता में और वृद्धि होगी।
2025 में बढ़ाई गई थीं एलाइड हेल्थकेयर कोर्स की सीटें
राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में भी एलाइड हेल्थकेयर शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया था। IGMC शिमला में बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्निक, बीएससी रेडियो एंड इमेजिंग तथा बीएससी एनेस्थीसिया एंड ओटी टेक्निक की सीटें 10 से बढ़ाकर 50-50 की गई थीं।
इसी तरह डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्निक, बीएससी रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग तथा बीएससी एनेस्थीसिया एवं ओटी टेक्निक की सीटें 18 से बढ़ाकर 50-50 कर दी गई थीं।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के लोगों को गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ युवाओं के लिए व्यावसायिक शिक्षा एवं रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों को सहयोग देने तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा को मजबूत करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय तथा IGMC शिमला और टांडा में बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू होने से प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण के अवसरों का विस्तार होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार उभरते स्वास्थ्य क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उनके घर-द्वार के निकट उपलब्ध हो सकें।
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