15.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहीं तीन सुविधाएं, लिफ्ट और ट्रॉली से बुजुर्गों व पर्यटकों को मिलेगी राहत
राजधानी शिमला में अब लोगों और पर्यटकों को लक्कड़ बाजार से रिज मैदान तक पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई चढ़ने की परेशानी से जल्द राहत मिलने वाली है। शहर में आधुनिक फ्यूनिकुलर ट्रॉली और लिफ्ट की सुविधा शुरू करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
प्रशासन ने 30 नवंबर तक इस परियोजना को जनता के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल निर्माण कार्य के साथ ट्रायल और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया भी चल रही है।
इस पूरी परियोजना पर करीब 15.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत तीन प्रमुख कार्य किए जा रहे हैं। इनमें लक्कड़ बाजार के पुराने बस स्टैंड का नवीनीकरण, करीब 15 से 18 नई दुकानों का निर्माण और लिफ्ट व फ्यूनिकुलर की सुविधा विकसित करना शामिल है।
लिफ्ट और फ्यूनिकुलर से रिज मैदान तक पहुंचना होगा आसान
महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इस परियोजना के तहत यात्रियों को पहले लिफ्ट के माध्यम से आधे रास्ते तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद फ्यूनिकुलर ट्रॉली के जरिए ऊपर की ओर रिज मैदान तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 30 नवंबर तक इसे जनता के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इससे पहले ट्रायल और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसमें करीब 5 से 10 दिन का समय लग सकता है।
महापौर ने बताया कि शिमला में एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना पर भी काम चल रहा है। ऑकलैंड हाउस के पास ऑक टनल के साथ लिफ्ट स्थापित की जा रही है। संबंधित एजेंसी ने इस कार्य को 30 या 31 मार्च 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य दिया है। इससे इस क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी।
पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव, बुजुर्गों को राहत
महापौर ने कहा कि फ्यूनिकुलर शुरू करने का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को सीधे मालरोड और रिज मैदान तक पहुंचने की सुविधा देना है। इससे पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा। ऊंचाई से शिमला की खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने का अवसर भी मिलेगा। यहां सेल्फी पॉइंट के साथ आसपास की हरियाली और सुंदरता देखने की सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि इस सुविधा का सबसे अधिक लाभ बुजुर्गों और स्थानीय लोगों को होगा, जिन्हें अधिक चढ़ाई होने के कारण लक्कड़ बाजार से रिज तक पहुंचने में परेशानी होती है। लिफ्ट और फ्यूनिकुलर के माध्यम से उनका सफर काफी आसान हो जाएगा।
महापौर के अनुसार, इस परियोजना में आरटीडीसी (RTDC) और नगर निगम की हिस्सेदारी है। दोनों संस्थाएं मिलकर इसके संचालन में भूमिका निभाएंगी। फ्यूनिकुलर की क्षमता को लेकर उन्होंने प्रारंभिक अनुमान देते हुए बताया कि इसमें करीब 8 से 10 लोग सफर कर सकेंगे। हालांकि, वास्तविक क्षमता वजन और तकनीकी मानकों के आधार पर निर्धारित होगी।
स्वयं सहायता समूहों से दीये खरीदेगा नगर निगम
महापौर सुरेंद्र चौहान ने प्रदेश और शिमला वासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीपावली रोशनी और खुशियों का त्योहार है। नगर निगम का प्रयास है कि इस पर्व के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि नगर निगम स्वयं सहायता समूहों से दीये खरीदेगा। इन समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हाथों से सुंदर दीये, सजावटी सामान और उपहार तैयार करती हैं। नगर निगम का प्रयास रहता है कि इन महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर मंच मिले और उनकी आमदनी बढ़े।
महापौर ने नगर निगम कर्मचारियों के हित में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 4 और 5 प्रतिशत डीए का लाभ नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों को भी दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से नगर निगम ने एडवांस लेने की व्यवस्था को भी हाउस में मंजूरी दी है। अब जरूरत के अनुसार एडवांस लेने के इच्छुक कर्मचारी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
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