हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी है। आगामी 3 नवंबर को शिमला में HRTC कर्मचारियों और पेंशनरों के जुटने की बात सामने आई है।
इस दौरान सरकार के समक्ष लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं को उठाया जाएगा। पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन की सोलन इकाई से जुड़े पेंशनर भी अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करने की तैयारी में हैं।
पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन, सोलन इकाई का कहना है कि परिवहन निगम से जुड़े कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की समस्याओं का समाधान होना जरूरी है। लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकलने से कर्मचारियों और पेंशनरों में नाराजगी बढ़ रही है।
इसी को लेकर अब 3 नवंबर को शिमला में सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी की जा रही है। कर्मचारियों और पेंशनरों की मांग है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए, ताकि उन्हें बार-बार अपनी मांगों को लेकर आवाज न उठानी पड़े।
पेंशनरों की समस्याओं के समाधान की मांग
पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संगठन की सोलन इकाई से जुड़े पेंशनरों का कहना है कि जीवनभर परिवहन निगम को सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए। बढ़ती महंगाई के बीच पेंशनरों के आर्थिक हितों की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
वहीं, 3 नवंबर को शिमला में होने वाली गतिविधियों पर कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या उन्हें कोई ठोस आश्वासन मिलता है या आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा।
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