उपमुख्यमंत्री बोले- छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करे केंद्र सरकार
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ किए गए व्यवहार की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि देश का युवा भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही कथित अनियमितताओं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की है, न कि बल प्रयोग या हिरासत के माध्यम से उनकी आवाज दबाने की।
राहुल गांधी लोकतांत्रिक संघर्ष का प्रतीक
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी जनसरोकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें रोकने के कई प्रयास हुए, लेकिन वे लगातार युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वंचित वर्गों के मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक उठाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सत्य और जनहित की आवाज को किसी भी दमनात्मक कार्रवाई से दबाया नहीं जा सकता।
प्रियंका गांधी के साथ व्यवहार पर भी जताई आपत्ति
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचीं प्रियंका गांधी वाड्रा और महिला सांसदों को हिरासत में लेना तथा उनके साथ किया गया व्यवहार भी लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसे बल प्रयोग से दबाने का प्रयास किया जाए।
कांग्रेस छात्रों और युवाओं के साथ
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि सत्ता के बल पर जनआवाज को दबाने के प्रयास कभी सफल नहीं हो सकते, क्योंकि लोकतंत्र में अंततः जनता की आवाज ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
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