पूर्व मंत्री ने चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक करने की दी चुनौती, 2 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी
कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और कुटलैहड़ के विधायक पर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में कुटलैहड़ में विकास की रफ्तार थम गई है और जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है।
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सत्ता पक्ष का विधायक होने के बावजूद कुटलैहड़ की जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके अनुसार क्षेत्र की पंचायतों में विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं। सिंचाई योजनाओं की स्थिति खराब है, जबकि कई क्षेत्रों में पेयजल कनेक्शन के लिए पाइप तक उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है।
सड़क और विकास योजनाओं को लेकर सरकार पर सवाल
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में नाबार्ड, पीएमजीएसवाई, सीआरएफ और मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत नई सड़कों के लिए कोई नया बजट नहीं लाया गया। उन्होंने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद कुटलैहड़ क्षेत्र में धरातल पर स्थिति अलग नजर आ रही है।
कंवर ने स्थानीय विधायक की ओर से चलाए जा रहे संवाद रजिस्टर और पत्र-व्यवहार अभियानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रजिस्टर भरने और अधिकारियों को पत्र लिखने से विकास कार्य धरातल पर नहीं उतरते। विधायक को जनता के सामने यह बताना चाहिए कि चार साल के कार्यकाल में कुटलैहड़ के लिए क्या किया गया है।
विधायक को रिपोर्ट कार्ड रखने की चुनौती
वीरेंद्र कंवर ने स्थानीय विधायक को अपने चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखेंगे। इससे जनता दोनों कार्यकालों में हुए विकास कार्यों की तुलना कर सकेगी।
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने जनता को बेवकूफ बनाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
2 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कुटलैहड़ के सम्मान और न्याय के लिए भाजपा कार्यकर्ता तथा स्थानीय जनसेवी संगठन मिलकर 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। आंदोलन के पहले चरण में बंगाणा में कुछ घंटों का उपवास रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और कुटलैहड़ क्षेत्र की जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।
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