शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में राजघरानों का दबदबा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के परिवार के बाद अब क्योंथल रियासत के राजा खुश विक्रम सेन ने भी सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। जुन्गा राजघराने से ताल्लुक रखने वाले खुश विक्रम सेन ने जिला परिषद चुनाव के लिए चमियाना वार्ड से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।
शक्ति प्रदर्शन के साथ पहुँचे नामांकन भरने
शुक्रवार को खुश विक्रम सेन अपने सैकड़ों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ पूरे लाव-लश्कर और शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन पत्र भरने पहुँचे। खुश विक्रम सेन, प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के ममेरे भाई हैं।
राजनीतिक गलियारों में उन्हें भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। उनके चुनावी मैदान में उतरने से चमियाना वार्ड का मुकाबला अब बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल हो गया है।
चमियाना वार्ड का यह चुनाव अब सीधे तौर पर पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की साख से जुड़ गया है। कांग्रेस ने यहाँ से कसुम्पटी ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र कंवर को मैदान में उतारा है, जिन्हें मंत्री अनिरुद्ध सिंह का बेहद करीबी माना जाता है।
ऐसे में एक तरफ राजघराने का पारंपरिक प्रभाव है, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी दल के संगठन की ताकत। यह मुकाबला अब मात्र जिला परिषद तक सीमित न रहकर भाजपा और कांग्रेस के बीच 'वर्चस्व की लड़ाई' बन गया है।
व्यवस्था परिवर्तन और विकास का विजन
नामांकन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए खुश विक्रम सेन ने देवी-देवताओं और जनता का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा, "मैं प्रशासनिक और सामाजिक सिस्टम को गहराई से समझता हूँ।
हाल ही में बागवानों को हुए भारी नुकसान का समाधान मेरी प्राथमिकता रहेगी।" रोचक बात यह रही कि उन्होंने मंत्री अनिरुद्ध सिंह को अपना 'बड़ा भाई' बताते हुए मधुर संबंधों की बात कही, लेकिन चुनावी रण में वे एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे।
बदलेगा क्षेत्र का चुनावी समीकरण
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राजघराने से जुड़ा होने के कारण खुश विक्रम सेन का पारंपरिक और बुजुर्ग मतदाताओं पर अच्छा प्रभाव है। वहीं, कांग्रेस समर्थित भूपेंद्र कंवर को सरकारी तंत्र और संगठन का लाभ मिल सकता है। आने वाले दिनों में चमियाना वार्ड में चुनावी रैलियों और प्रचार का शोर और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।