मंडी
उपमंडल जोगिंद्रनगर की पंचायत द्राहल में रंगड़ों (भौंरों के झुंड) के हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। यहाँ अपने घर के समीप बकरियां चरा रहे एक बुजुर्ग भेड़पालक पर रंगड़ों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान पिता को बचाने आए बेटे को भी रंगड़ों ने अपना निशाना बनाया। दोनों घायलों का उपचार नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में करवाया गया है।
मदद के लिए चिल्लाते-चिल्लाते बेसुध हुए बुजुर्ग
मिली जानकारी के अनुसार, द्राहल निवासी 79 वर्षीय काहन सिंह अपनी बकरियां चराने निकले थे। अचानक झाड़ियों से निकले रंगड़ों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। रंगड़ों ने उनके सिर, बाजू, पीठ और छाती पर दर्जनों डंक मारे, जिससे वह दर्द से कराहते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगे। अत्यधिक डंक लगने के कारण बुजुर्ग कुछ ही देर में मौके पर बेसुध हो गए।
बचाने पहुँचे बेटे को भी नहीं बख्शा
बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर उनका बेटा नरेंद्र तुरंत मौके पर पहुँचा। जैसे ही उसने अपने पिता को बचाने का प्रयास किया, रंगड़ों का झुंड उस पर भी टूट पड़ा। नरेंद्र को भी शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तुरंत दोनों घायलों को जोगिंद्रनगर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ कई घंटों के सघन उपचार के बाद उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के कार्यवाहक एसएमओ डॉ. अंकित ने बताया कि गर्मियों की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में रंगड़ों के हमले के मामले बढ़े हैं। उन्होंने जानकारी दी कि अकेले अप्रैल और मई के महीने में अब तक ऐसे 7 मामले अस्पताल पहुँच चुके हैं। डॉ. अंकित ने काहन सिंह की स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि सुधार होने पर उन्हें वीरवार को घर भेज दिया गया है।