शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। उम्मीदवार 7, 8 और 11 मई को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। ग्राम पंचायत प्रधान और सदस्य पदों के लिए पंचायत कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी, पंचायत समिति के लिए तहसीलदार और जिला परिषद सदस्यों के लिए एसडीएम कार्यालय में
पर्चा भरने की व्यवस्था की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 12 मई को नामांकन पत्रों की छंटनी होगी, जबकि 14 और 15 मई को नाम वापस लिए जा सकेंगे। 15 मई को ही चुनाव चिह्नों का आवंटन कर चुनावी तस्वीर साफ कर दी जाएगी।
चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं। नामांकन के साथ पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और एक स्वयं सत्यापित शपथ पत्र देना अनिवार्य है।
इस शपथ पत्र में उम्मीदवार को पांच प्रमुख घोषणाएं करनी होंगी: वह किसी मुकदमे या अपराध में संलिप्त नहीं है, नशे (चिट्टे) के कारोबार से उसका कोई संबंध नहीं है, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया है और वह बैंक का डिफॉल्टर नहीं है।
इसके अतिरिक्त, पंचायत समिति और जिला परिषद के उम्मीदवारों को अपने दस्तावेजों पर बीडीओ कार्यालय से काउंटर साइन करवाना भी अनिवार्य होगा।
पात्रता को लेकर आयोग ने स्पष्ट किया है कि आशा वर्कर, होमगार्ड, आउटसोर्स कर्मी, कृषि मित्र और लंबरदार चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इसके साथ ही निजी डिपो होल्डर और मनरेगा सोशल ऑडिट कर्मियों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई है।
विशेष रूप से, वे अतिक्रमणकारी भी पात्र माने जाएंगे जिन्होंने 2006 में अवैध कब्जा नियमित करने के लिए स्वयं सत्यापित फॉर्म जमा किया था। निर्वाचन आयोग ने इन श्रेणियों को राहत देते हुए लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी सुनिश्चित की है।
दूसरी ओर, कई श्रेणियों के लिए चुनाव लड़ने पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे मील वर्कर, जलरक्षक और सहकारी समितियों के सचिव व सेल्समैन चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्यों (जैसे बहू व ससुर) को भी अयोग्य घोषित किया गया है। नियम इतने सख्त हैं कि अतिक्रमण छोड़ने के छह साल बाद तक भी व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अपात्र रहेगा।
साथ ही, यदि किसी व्यक्ति का मामला अदालत में लंबित है, तो वह भी चुनावी रण में भाग नहीं ले सकेगा। मतदान 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में संपन्न होगा।