मंडी
हिमाचल ज्ञान-विज्ञान समिति और नशा मुक्ति अभियान समिति ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। डॉ. वीना राठौर की अध्यक्षता में एफपीओ कार्यालय भराड़ी में आयोजित बैठक में यह तय किया गया कि समिति चुनावों के दौरान मतदाताओं को नशे के खिलाफ जागरूक करेगी।
इस अभियान के तहत समिति केवल उन्हीं उम्मीदवारों का समर्थन करने का आह्वान करेगी, जिनका दामन नशे की बुराइयों से साफ है।
10 मई से 'घरवासड़ा' से होगा अभियान का आगाज
खंड सचिव ऋत्विक कुमार ने बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि समिति 10 मई से 30 मई तक विशेष नशा मुक्ति और मतदाता जागरूकता अभियान चलाएगी। इस अभियान की आधिकारिक शुरुआत 'घरवासड़ा' से की जाएगी। समिति के कार्यकर्ता प्रत्येक गांव और घर में जाकर पर्चा वितरण करेंगे और लोगों से संवाद करेंगे।
कागजी अनुबंधों से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत
समिति ने इस बात पर चिंता जताई कि पंचायत चुनावों में उम्मीदवार नशा न करने और न बांटने का जो कानूनी अनुबंध (affidavit) नामांकन के समय देते हैं, वह अक्सर केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह जाता है।
हकीकत में चुनावों के दौरान शराब और अन्य नशों का बोलबाला बढ़ जाता है। समिति अब ऐसे उम्मीदवारों को वोट न देने की अपील करेगी जो स्वयं नशे का उपभोग करते हैं या वोट हासिल करने के लिए दूसरों को नशा परोसते हैं।
शिमला में प्रशिक्षण के बाद मंडी के अन्य खंडों में मचेगी हलचल
नशे के खिलाफ इस जंग को और प्रभावी बनाने के लिए हिमाचल सरकार द्वारा 11 से 14 मई तक शिमला में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इस प्रशिक्षण शिविर में डॉ.
वीना राठौर और भोलादत्त कश्यप भाग लेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये दोनों प्रतिनिधि मंडी जिला के अन्य खंडों में भी नशा विरोधी अभियान का नेतृत्व करेंगे। बैठक में जिला उपाध्यक्ष भोलादत्त कश्यप, सचिव ऋत्विक कुमार, बिमला हिंदुस्तानी, सतीश कुमार, हेमराज, सुरेश कुमार सोनू, भूपेंद्र सिंह, रेखा देवी और सुमना कुमारी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।