कंडवाल।
हिमाचल प्रदेश के नूरपुर पुलिस जिला की नशा विरोधी मुहिम को एक और बड़ी सफलता मिली है। कंडवाल इंटर-स्टेट बैरियर पर पकड़ी गई 6.044 किलोग्राम चरस के मामले में पुलिस ने जाल बिछाकर जम्मू से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क (Inter-state Drug Syndicate) की कमर तोड़ने के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कुछ समय पहले तब शुरू हुआ था जब नूरपुर पुलिस ने कंडवाल बैरियर पर नाकाबंदी के दौरान एक ऑल्टो कार (नंबर HP-1132) को निरीक्षण के लिए रोका था। तलाशी के दौरान गाड़ी से 6.044 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस बरामद की गई थी। उस समय पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों—अनु कुमार, सुरेश कुमार और राम लाल (निवासी पद्धर, जिला मंडी)—को गिरफ्तार किया था।
मुख्य आरोपी तक कैसे पहुँची पुलिस?
पकड़े गए तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस को इस काले कारोबार के असली सूत्रधार (Kingpin) के सुराग मिले। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने जम्मू में दबिश दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी, जिसकी पहचान शुभकरण (निवासी ज्वाली, कांगड़ा) के रूप में हुई है, को जम्मू से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
तस्करी का पुराना खिलाड़ी है शुभकरण
पुलिस जांच में सामने आया है कि शुभकरण एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।
जनवरी 2023: पुलिस थाना ज्वाली में 780 ग्राम चरस के साथ मामला दर्ज।
मार्च 2024: कांगड़ा पुलिस द्वारा 1.943 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तारी।
वर्तमान मामला: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के बीच नशा तस्करी का बड़ा नेटवर्क चलाने का आरोप।
पुलिस का बयान: "नशा माफिया पर प्रहार जारी रहेगा"
एसपी नूरपुर ने बताया कि आरोपी शुभकरण ने मंडी और चम्बा क्षेत्र के लोगों को लालच देकर तस्करी के जाल में फंसाया था। वह स्वयं पर्दे के पीछे रहकर जम्मू और चंडीगढ़ जैसे शहरों से नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस अब इस मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स (Backward and Forward Links) खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की यह खेप कहाँ से आई थी और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था।