जनता के साथ कांग्रेस नेताओं ने भी नकारा सुक्खू का बजट : जयराम ठाकुर

  जनता के साथ कांग्रेस नेताओं ने भी नकारा सुक्खू का बजट : जयराम ठाकुर
जनता के साथ कांग्रेस नेताओं ने भी नकारा सुक्खू का बजट : जयराम ठाकुर

Published:

शिमला।

प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए चौथे पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दावा किया है कि बजट को लेकर जनता तो छोड़िए कांग्रेस नेताओं में भी कोई उत्साह नहीं है।

उन्होंने इसे प्रदेश के इतिहास का सबसे निराशाजनक दस्तावेज करार देते हुए कहा कि मैंने अपने राजनीतिक जीवन में लगातार 29 बजट विधानसभा में पेश होते देखे हैं, लेकिन इस तरह का नीरस और दिशाहीन बजट पहले कभी नहीं देखा।

इस बजट को देखकर प्रदेश की जनता अपना माथा पीट रही है और उसे इस बात का पछतावा हो रहा है कि उन्होंने सत्ता ऐसे दल को सौंप दी है जिसने अपनी नाकामियों और गलत नीतियों से हिमाचल प्रदेश को विकास के पायदान से नीचे धकेल कर गर्त में डाल दिया है।

व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर प्रदेश मैं पहली बार ऐसी सरकार आई है जो प्रदेशवासियों को कुछ देने के बजाय उनसे छीनने और उनसे लेने में यकीन रखती हैं। सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुविधा के लिए पूर्व सरकार द्वारा बनाए गए 2000 से ज्यादा संस्थान उनसे छीन लिए और अब जाते-जाते लोगों से जनहित योजनाओं का बजट और कर्मचारियों

की सैलरी छीन रही है। सरकार का अत्याचार बहुत हो गया अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर भी गंभीर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पूरे बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री का अहंकार सातवें आसमान पर रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस बजट को तैयार करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की मेहनत को पूरी तरह दरकिनार कर दिया और उन्हें दूध से मक्खी की तरह निकालकर बाहर फेंक दिया,

जबकि सारा श्रेय खुद लेने की कोशिश में वह इस तरह बोल रहे थे जैसे पूरा बजट उन्होंने अकेले ही तैयार किया हो। इस बजट में विकास के नाम पर जो कुछ भी दावा किया गया वह केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए ही हो पाएगा।

चाहे प्रदेश में सड़के बनने की घोषणा हो या फिर नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि, सारा पैसा केंद्र सरकार द्वारा ही दिया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री का अपना क्या योगदान है?

नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की चरमराती वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मनमाने और अविवेकपूर्ण फैसलों के कारण आज प्रदेश का कर्मचारी वर्ग पूरी तरह हताश और निराश हो चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले तो सारा सरकारी खजाना अपने 'मित्रों' की खातिरदारी और रेवड़ियां बांटने में लुटा दिया और अब जब खजाना खाली हो गया है, तो वित्तीय स्थिति सुधारने के ढोंग के नाम पर प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर छोटे कर्मचारियों तक की सैलरी डेफर (विलंबित) करने का तानाशाही निर्णय लिया है।

ठाकुर ने दावा किया कि इस बजट से न केवल विपक्ष और जनता, बल्कि सत्ता पक्ष के अपने विधायक भी खुश नजर नहीं आए और सदन के भीतर का माहौल यह बता रहा था कि कांग्रेस के नेता खुद इस बजट का उपहास उड़ा रहे थे।

उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री को घेरा और कहा कि सुक्खू सरकार ने अपनी कोई नई मौलिक योजना शुरू करने के बजाय केवल केंद्र संचालित योजनाओं का पैसा डाइवर्ट कर उन्हें नया नाम देकर चलाने का प्रयास किया है, जो जनता के साथ एक बड़ा धोखा है।

आम जनता पर पड़ने वाले बोझ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता पर अनावश्यक टैक्स थोप दिए गए हैं और चुनाव पूर्व किए गए 300 यूनिट मुफ्त बिजली तथा महिलाओं को 1500 रुपये देने के वादों पर अब कड़े नियम और शर्तें थोप दी गई हैं ताकि कम से कम लोगों को इसका लाभ मिल सके,

जबकि वादा 18 वर्ष से ऊपर की सभी महिलाओं के लिए था। बिजली और पानी के भारी-भरकम बिलों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और दूध के दाम बढ़ाने का जो दावा सरकार कर रही है, उसकी जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी खरीद बहुत कम की जा रही है जिससे पशुपालकों में भारी रोष व्याप्त है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से चालाकी भरा और खोखला है, जिसमें केंद्रीय योजनाओं के नाम बदलकर अपनी वाहवाही लूटने की कोशिश की गई है, लेकिन धरातल पर बजट का कोई वास्तविक प्रावधान नहीं है, जिसके कारण आज प्रदेश का कोई भी वर्ग इस बजट से संतुष्ट या उत्साहित नहीं है और मुख्यमंत्री को अपनी विफलताएं छिपाने के लिए सदन में मजाक का सहारा लेना पड़ रहा है।

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें