चम्बा।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग चम्बा-भरमौर नेशनल हाईवे पर रविवार सुबह भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। लूणा के समीप अचानक पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और विशालकाय पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया। इस घटना के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों यात्री बीच राह में फंस गए।
दो घंटे तक मची रही अफरा-तफरी
सुबह-सुबह हुए इस भूस्खलन ने गंतव्य की ओर जा रहे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों का तांता लग गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थरों के गिरने का सिलसिला इतना तेज था कि यात्रियों को अपनी जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
लगभग दो घंटे तक मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध रहा, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
NH प्रबंधन और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे (NH) प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। उपायुक्त चम्बा, मुकेश रेपस्वाल ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए तुरंत मार्ग बहाली के आदेश जारी किए।
उन्होंने बताया लूणा के पास भूस्खलन की सूचना मिलते ही विभाग को मशीनरी तैनात करने के निर्देश दे दिए गए थे। प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करना है। विभाग ने मौके पर दो जेसीबी (JCB) मशीनें तैनात कीं। कड़ी मशक्कत और मलबे की सफाई के बाद सड़क को यातायात के लिए सामान्य बनाया गया। मार्ग खुलने के बाद ही यात्रियों ने राहत की सांस ली।
जोखिम भरा बना सफर
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण चम्बा-भरमौर मार्ग पर पहाड़ों का दरकना एक गंभीर समस्या बन गया है। लूणा और उसके आसपास के हिस्से बेहद संवेदनशील हो चुके हैं, जहाँ आए दिन भूस्खलन से नेशनल हाईवे बाधित होना आम बात हो गई है। यात्रियों ने प्रशासन से इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालने की मांग की है ताकि सफर को सुरक्षित बनाया जा सके।