शिमला।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे आर्यन चौहान पर हुए हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस वारदात में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की आल्टो कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है, जबकि एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव आर्यन चौहान बीते शुक्रवार शाम जब मशोबरा के समीप तारापुर इलाके से गुजर रहे थे, तभी कार सवार तीन युवकों ने उनका रास्ता रोका। आरोपियों ने आर्यन को जबरन गाड़ी में खींचने का प्रयास किया और पिस्तौल नुमा हथियार दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
आर्यन ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए आरोपियों के चंगुल से छूटने के लिए सड़क किनारे खाई में छलांग लगा दी। इस दौरान उन्हें पैरों में चोटें भी आईं, लेकिन वे अंधेरे का लाभ उठाकर वहां से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही ढली पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और दो को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने हमले के समय इस्तेमाल की गई गाड़ी (HP 52B 7300) को बरामद कर लिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश का परिणाम था या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश है।
दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। तीसरे आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।