शिमला। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने सीबीएसई से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 305 अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य चयन आयोग की सिफारिश पर चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध उत्कृष्ट विद्यालयों में नियुक्त किया गया है।
विभाग ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को पांच दिन के भीतर अपनी नियुक्ति स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इन शिक्षकों की नियुक्ति योजना की एक उप-योजना के तहत की गई है। चयनित शिक्षकों को प्रदेश के विभिन्न सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पांच वर्ष की निश्चित अवधि के लिए तैनात किया जाएगा।
उन्हें प्रति माह 30 हजार रुपये का समेकित मानदेय दिया जाएगा। हालांकि यह मानदेय प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में केवल 10 माह के लिए ही देय होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये नियुक्तियां नियमित पदों के विरुद्ध नहीं हैं और इससे चयनित अभ्यर्थियों को भविष्य में नियमित सरकारी नौकरी का कोई अधिकार प्राप्त नहीं होगा। नियुक्ति के समय शिक्षकों को विभाग के साथ एग्रीमेंट, बॉन्ड और स्व-घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नियुक्तियों को लेकर यदि न्यायालय की ओर से कोई आदेश प्राप्त होता है, तो उसका पालन किया जाएगा। फिलहाल विभाग को इस संबंध में किसी नए न्यायिक आदेश की जानकारी नहीं है।
अंग्रेजी भाषा और संचार कौशल पर रहेगा फोकस
नियुक्त शिक्षकों को प्राथमिक स्तर से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा, लेखन और बोलचाल कौशल का प्रशिक्षण देना होगा। इसके अलावा संस्थान प्रमुख के निर्देशानुसार उन्हें अतिरिक्त रिमेडियल कक्षाएं भी संचालित करनी होंगी। आवश्यकता पड़ने पर उनकी सेवाएं प्रदेश के अन्य सरकारी विद्यालयों में भी ली जा सकेंगी।
मिलेंगी चिकित्सा सुविधाएं, नहीं मिलेगा पेंशन लाभ
नियुक्त शिक्षकों को हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा। हालांकि नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह सीसीएस नियम, अवकाश नियम और पेंशन संबंधी सुविधाएं इन पर लागू नहीं होंगी।
विभाग ने शिक्षकों को वर्ष में 10 आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) देने का प्रावधान किया है। साथ ही मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत निर्धारित अवकाश सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
अनुशासनहीनता पर हो सकती है सेवा समाप्त
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि सेवा अवधि के दौरान किसी शिक्षक के खिलाफ अनुशासनहीनता, कदाचार, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता या पात्रता संबंधी किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो उसकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा सकती है।