शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को छोटा शिमला स्थित सचिवालय के समीप दृष्टिहीन संघ के सदस्यों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्का जाम किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली।
दृष्टिहीन संघ के सदस्यों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
संघ के सदस्य राजेश ठाकुर ने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों में दिव्यांगों के लिए आरक्षित क्लास-4 श्रेणी के कई पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि इन पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए, ताकि योग्य दिव्यांग अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने यह भी मांग उठाई कि दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर 5100 रुपये प्रतिमाह किया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांगों को बिना किसी अतिरिक्त शर्त के लाभ प्रदान किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिव्यांगों को मिलने वाली सहारा पेंशन पिछले 12 महीनों से बंद पड़ी है, जिससे कई लाभार्थियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सहारा पेंशन को तत्काल बहाल करने और यूडीआईडी (UDID) कार्ड व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग भी की।
राजेश ठाकुर ने कहा कि दृष्टिहीन और दिव्यांग समुदाय पिछले 976 दिनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के मंत्री और विधायक उनकी मांगों के समाधान के लिए आगे नहीं आते हैं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा वे भविष्य में भी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।