देवभूमि क्षत्रिय पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शन, कुछ प्रदर्शनकारियों के गेट पर चढ़ने से बढ़ा तनाव; स्वर्ण समाज ने केंद्र सरकार से कानून वापस लेने की मांग उठाई
यूजीसी कानून वापस लेने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश सचिवालय के बाहर वीरवार को प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देवभूमि क्षत्रिय पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों के सचिवालय के गेट पर चढ़ने से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। हालात संभालने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग भी किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय तक मौके पर तनाव बना रहा।
प्रदर्शनकारी यूजीसी कानून के प्रावधानों का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि कानून के प्रावधानों से स्वर्ण समाज के बच्चों के साथ अन्याय हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से कानून वापस लेने की मांग उठाई।
यूजीसी कानून के विरोध में निकाली जा रही यात्रा
स्वर्ण समाज की ओर से यूजीसी कानून वापस लेने की मांग को लेकर यात्रा निकाली जा रही है। इसी कड़ी में वीरवार को छोटा शिमला स्थित सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। देवभूमि क्षत्रिय पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर के नेतृत्व में शिमला पहुंचे यात्रा दल में राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून के प्रावधानों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इससे स्वर्ण समाज के बच्चों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से कानून को वापस लेने की मांग की।
सचिवालय के गेट पर चढ़ने के बाद बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारी सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे थे। इसी दौरान कुछ लोग सचिवालय के गेट पर चढ़ गए, जिसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद टकराव की स्थिति बनी रहने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ हुए टकराव के कारण कुछ देर तक मौके पर माहौल तनावपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग यूजीसी कानून को वापस लेने की रही।
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