ऊना। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना स्थित प्राचीन बनौड़े महादेव मंदिर से आस्था से जुड़ा एक मामला सामने आया है। पंजाब के होशियारपुर निवासी श्रद्धालु लवली और उनके परिवार ने दावा किया है कि मंदिर में दर्शन करने और पवित्र विभूति लगाने के बाद उनकी प्रभावित आंख की रोशनी लौट आई। इस घटना के बाद परिवार ने दोबारा मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार लवली अपने परिवार के साथ बाबा बालक नाथ के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने चताड़ा स्थित प्राचीन बनौड़े महादेव मंदिर में दर्शन करने का निर्णय लिया। मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान शिव के समक्ष माथा टेका और मंदिर में मिलने वाली पवित्र विभूति अपनी आंख पर लगाई।
परिजनों के अनुसार 3 मार्च 2025 को लवली को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उनकी एक आंख की रोशनी प्रभावित हो गई थी। लंबे समय तक इलाज करवाने के बावजूद उनकी स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ।
परिवार का कहना है कि पिछले महीने पीजीआई में हुई जांच के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें बताया था कि आंख के सामने नसों का एक गुच्छा बन गया है, जिसके कारण दृष्टि लौटने की संभावना बेहद कम है।
लवली और उनके परिवार का दावा है कि बनौड़े महादेव मंदिर में दर्शन करने और विभूति लगाने के कुछ समय बाद उन्हें प्रभावित आंख से दिखाई देना शुरू हो गया। इस बदलाव से परिवार भावुक हो गया और उन्होंने इसे भगवान शिव की विशेष कृपा बताया।
इसके बाद परिवार एक बार फिर मंदिर पहुंचा और भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर धन्यवाद अर्पित किया। घटना की जानकारी फैलने के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। मंदिर आने वाले कई श्रद्धालु इस घटना को आस्था और विश्वास से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि इस दावे की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है। परिवार और श्रद्धालु इसे भगवान शिव की कृपा मान रहे हैं, जबकि चिकित्सा दृष्टि से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।