1200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पौधारोपण, 800 पौधे प्रति हेक्टेयर का लक्ष्य; बेहतर सर्वाइवल पर युवा व महिला मंडलों को मिलेगा पुरस्कार
हमीरपुर जिले में राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत वन विभाग पौधारोपण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की संस्थाओं और समूहों को पौधारोपण एवं उसके संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
योजना के तहत प्रति हेक्टेयर 800 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है। दो हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 1600 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा जाता है। पौधारोपण के बाद तीन वर्षों तक पौधों के संरक्षण और उनके सर्वाइवल पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
वन विभाग के अनुसार यदि तीन साल बाद पौधों का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा रहता है तो संबंधित युवा मंडल या महिला मंडल को सम्मानित किया जाता है। वहीं, पौधों के बेहतर सर्वाइवल के आधार पर योजना के तहत कार्य करने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
वन अरण्यपाल हमीरपुर निशांत मडोत्रा ने बताया कि इस वर्ष राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत निर्धारित कार्य पूरा किया गया है। आगामी 22 सितंबर को योजना के लाभार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 500 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी रही है और 1200 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में पौधारोपण किया गया है।
उन्होंने बताया कि पौधों के सर्वाइवल के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। 50 प्रतिशत से अधिक सर्वाइवल रहने पर संबंधित संस्था को 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसी तरह 45 से 50 प्रतिशत सर्वाइवल पर 80 हजार रुपये तथा 35 से 45 प्रतिशत सर्वाइवल रहने पर 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
वन विभाग का उद्देश्य पौधारोपण के साथ-साथ ग्रामीण समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना और स्थानीय स्तर पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। योजना के माध्यम से ग्रामीण संस्थाओं को वन संरक्षण के कार्य में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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