नई दिल्ली में हिमाचल की टीम ने किया प्रदेश का प्रतिनिधित्व, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर हुए सम्मानित; नवसाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों की शिक्षण सामग्री की हुई प्रदर्शनी
हिमाचल प्रदेश की पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला। 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की टीम ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी राकेश कुमार, स्वयंसेवी शिक्षक और नवसाक्षर प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किए जाने की उपलब्धि के लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को सम्मानित किया गया। प्रदेश की टीम ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए हिमाचल में साक्षरता अभियान के तहत किए गए प्रयासों को सामने रखा।
उल्लास मेले में प्रदर्शित की हिमाचल की शिक्षण सामग्री
इसी क्रम में 9 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय बाल भवन, नई दिल्ली में देशभर से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता से उल्लास मेले का आयोजन किया गया। मेले में विभिन्न राज्यों की ओर से उल्लास कार्यक्रम के तहत तैयार और उपयोग की जा रही शिक्षण-अधिगम सामग्री का प्रदर्शन किया गया।
हिमाचल प्रदेश की ओर से भी नवसाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों के लिए तैयार की गई विभिन्न शिक्षण सामग्री प्रदर्शित की गई। इस सामग्री का अवलोकन केंद्रीय शिक्षा सचिव अनिल कुमार ने किया।
हिमाचल की टीम ने प्रस्तुत किया सांस्कृतिक कार्यक्रम
उल्लास मेले में हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र प्रदेश की टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। देशभर से आए अतिथियों और प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत इस कार्यक्रम के माध्यम से हिमाचल की लोक-संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति शिक्षिका ममता कुमारी, स्वयंसेवी शिक्षक दीपिका ज्योति तथा नवसाक्षर लता और संतोष ने दी। प्रस्तुति के माध्यम से हिमाचल की लोक-संस्कृति, परंपराओं और शिक्षा के प्रति समर्पण को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
हिमाचली परंपरा से अतिथियों का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्य नोडल अधिकारी वीरेंद्र चौहान, जिला बिलासपुर नोडल अधिकारी राकेश कुमार तथा एनसीईआरटी के देवेंद्र शर्मा और रवि ने केंद्रीय शिक्षा सचिव, अतिरिक्त सचिव और शिक्षा मंत्रालय के निदेशक को हिमाचली परंपरा के प्रतीक पहाड़ी टोपी पहनाकर सम्मानित किया।
राष्ट्रीय मंच पर मिली हिमाचल की शिक्षा और संस्कृति को पहचान
हिमाचल प्रदेश की टीम की इस सहभागिता ने प्रदेश के पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि को राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। साथ ही उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, संस्कृति, स्थानीय भाषाओं और नवसाक्षरों की रचनात्मक क्षमता को भी देशभर के प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
इस सहभागिता से हिमाचल प्रदेश की साक्षरता पहल और प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube