पहाड़ी से मलबा और विशाल पेड़ गिरा, प्रशासन ने PWD को सुरक्षा उपायों के लिए दिए निर्देश
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच धर्मशाला स्थित कांगड़ा संग्रहालय (म्यूजियम ऑफ कांगड़ा) के पीछे एक बार फिर भूस्खलन होने से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंगलवार सुबह पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और एक विशाल पेड़ नीचे आ गिरा। हालांकि घटना में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई और न ही कोई वाहन क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन संग्रहालय परिसर पर खतरा बढ़ गया है।
होमगार्ड जवान कुलवंत सिंह के अनुसार, भूस्खलन सुबह करीब 8:35 बजे हुआ। घटना के तुरंत बाद संबंधित विभागों को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हुए भूस्खलन के बाद सुरक्षा दीवार बनाने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन यह अभी तक पूरी तरह से पूरा नहीं हो पाया है।
उनका कहना है कि यदि सुरक्षा कार्य मजबूत तरीके से किया जाता तो खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
बस अड्डे के पास गिरा बड़ा पेड़, पहले ही हटाए गए वाहन
धर्मशाला बस अड्डा इंचार्ज विनोद चंदेल ने बताया कि सुबह करीब 8:15 से 8:20 बजे के बीच पहाड़ी से छोटे पत्थर गिरने शुरू हुए और कुछ ही देर बाद भूस्खलन हो गया। इस दौरान एक बड़ा पेड़ नीचे गिरा, लेकिन राहत की बात रही कि वह किसी वाहन या व्यक्ति पर नहीं गिरा।
उन्होंने बताया कि खतरे को देखते हुए बस अड्डे के आसपास खड़े वाहनों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर हटा दिया गया था। घटना की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दे दी गई।
कांगड़ा संग्रहालय भवन को भी खतरा
कांगड़ा संग्रहालय की क्यूरेटर डॉ. रितु मलकोटिया ने बताया कि कार्यालय पहुंचने के बाद उन्हें भूस्खलन की जानकारी मिली, जिसके बाद प्रशासन और संबंधित विभागों को सूचित किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी इस क्षेत्र में भूस्खलन हुआ था और सुरक्षा कार्य शुरू किए गए थे, लेकिन अब बस अड्डे की ओर वाले हिस्से में नया खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि संग्रहालय भवन को भी खतरा बना हुआ है। यह स्थान ऐतिहासिक महत्व रखता है और यहां मौजूद करोड़ों रुपये की धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
DC ने PWD को दिए तत्काल आकलन के निर्देश
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि इस स्थान पर पहले भी लैंडस्लाइड हुआ था, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) को तुरंत रेस्टोरेशन कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। विभाग ने काम भी शुरू किया था।
उन्होंने कहा कि अब उसी स्थान के आगे दोबारा भूस्खलन हुआ है, जिससे ऊपर स्थित संपत्तियों पर खतरा बढ़ गया है। PWD को मौके का दोबारा निरीक्षण कर तत्काल किए जा सकने वाले सुरक्षा उपायों की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बिना देरी के आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
लगातार बारिश के बीच कांगड़ा संग्रहालय के पीछे हुए भूस्खलन ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर को किसी बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
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