बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की बढ़ी फीस तत्काल वापस लेने की मांग, आंदोलन की दी चेतावनी
डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए की गई फीस वृद्धि को लेकर भाजपा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जमवाल ने फीस बढ़ोतरी को किसान, बागवान और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के साथ अन्याय बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के वादे किए थे, लेकिन अब उच्च शिक्षा को महंगा बनाकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई मुश्किल कर दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर फीस में भारी बढ़ोतरी की है। उनके अनुसार, बीएससी (ऑनर्स) सामान्य सीट की फीस करीब 43 हजार रुपये से बढ़ाकर 68 हजार रुपये कर दी गई है, जबकि सेल्फ फाइनेंस सीट की फीस 83 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.27 लाख रुपये कर दी गई है।
इसी तरह एमएससी सामान्य सीट की फीस 47 हजार रुपये से बढ़ाकर 87 हजार रुपये और सेल्फ फाइनेंस सीट की फीस बढ़ाकर 1.42 लाख रुपये कर दी गई है। इसके अलावा विभिन्न नए शुल्क जोड़कर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है।
भाजपा नेता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कृषि और बागवानी प्रधान राज्य है तथा इस विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र किसान और बागवान परिवारों से आते हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बीच इतनी अधिक फीस देना अधिकांश परिवारों के लिए संभव नहीं है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब प्रदेश का युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है और परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तब शिक्षा को इतना महंगा बनाने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि बागवानी विश्वविद्यालय की फीस कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस फीस के बराबर या उससे भी अधिक हो गई है, जो चिंताजनक है।
राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से फीस वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लेकर पुरानी शुल्क संरचना बहाल करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो भाजपा विद्यार्थियों, अभिभावकों, किसान और बागवान संगठनों के साथ मिलकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है और इसे आर्थिक स्थिति के बजाय प्रतिभा के आधार पर सुलभ बनाया जाना चाहिए। भाजपा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
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