बोले- हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस सरकार ने मजबूती से पैरवी की, नादौन के करनडोला में इसी वर्ष खुलेगा देश का पहला एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौते को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। नादौन विधानसभा क्षेत्र के रैल में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों की लड़ाई कांग्रेस सरकार ने मजबूती से लड़ी है,
इसलिए इस समझौते का श्रेय भी प्रदेश की जनता और कांग्रेस सरकार को जाता है। किशाऊ परियोजना को लेकर छह राज्यों ने 15 सितंबर 2026 को समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। केंद्र सरकार के अनुसार परियोजना का करीब 90 प्रतिशत वित्तीय भार केंद्र उठाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा नेताओं अनुराग सिंह ठाकुर और जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें उत्तराखंड से पूछना चाहिए कि वहां की क्या चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हितों को सुरक्षित रखने के लिए उनकी सरकार ने किशाऊ परियोजना को लेकर लगातार पैरवी की।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था में हिमाचल प्रदेश पर परियोजना के पावर कंपोनेंट का अनुमानित करीब 2,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ अन्य लाभार्थी राज्यों द्वारा उठाए जाने की सहमति बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद किशाऊ परियोजना को लेकर तीन महत्वपूर्ण बैठकें हुईं और सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि हिमाचल के हित सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को परियोजना से बिना अतिरिक्त निवेश किए आर्थिक लाभ मिलने की स्थिति बनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में परियोजना से प्रदेश को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होगा।
किशाऊ परियोजना पर केंद्र सरकार के आधिकारिक विवरण के अनुसार यह टोंस नदी पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा के पास बनने वाली राष्ट्रीय परियोजना है। इसमें 232.6 मीटर ऊंचे बांध, 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर जल भंडारण क्षमता और 97 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की योजना है। परियोजना से 1,476 मिलियन यूनिट स्वच्छ जलविद्युत उत्पादन का भी प्रावधान है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के हितों से जुड़े मामलों में मजबूती से पैरवी की है।
उन्होंने वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि 23 वर्षों से अदालत में चल रहे मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जीत हासिल की। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे हिमाचल प्रदेश के खजाने में 401 करोड़ रुपये आए हैं और करीब दो करोड़ रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री के पद पर हैं, तब तक प्रदेश की जनता के हितों और अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी प्रलोभन के आगे नहीं झुकेगी और हिमाचल के संसाधनों की रक्षा के लिए लगातार काम करेगी।
उन्होंने जेएसडब्ल्यू कंपनी से छह प्रतिशत अतिरिक्त रॉयल्टी के मामले का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला पिछली भाजपा सरकार के समय से लंबित था और कांग्रेस सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। उनके अनुसार, राज्य सरकार इस मामले में जीती और इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है।
शराब ठेकों की नीलामी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के समय शराब ठेकों का नवीनीकरण किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार ने नीलामी के माध्यम से राजस्व बढ़ाया है। उन्होंने दावा किया कि नीलामी से करीब 450 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि पहले यह करीब 150 करोड़ रुपये था।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का दावा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा महाविद्यालयों में पुरानी एमआरआई मशीनों सहित डायग्नॉस्टिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, डॉक्टरों, तकनीकी स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ के पद भरने के बाद स्टाफ की उपलब्धता करीब 60 प्रतिशत तक पहुंची है।
उन्होंने कहा कि आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्तियां की जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में डायग्नॉस्टिक सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमकेयर योजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कुछ ऐसे बिल सामने आने का दावा किया, जिनमें पुरुषों के बच्चेदानी के ऑपरेशन दर्शाए गए थे।
शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि कांग्रेस सरकार के करीब साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल के बाद प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा भी हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सीबीएसई स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां मेरिट के आधार पर किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
केंद्र से आर्थिक सहायता को लेकर भाजपा पर सवाल
मुख्यमंत्री ने भाजपा सांसदों और विधायकों पर प्रदेश के हितों के लिए केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान भाजपा का कोई सांसद या विधायक हिमाचल के अधिकारों की मांग लेकर केंद्र सरकार के पास नहीं गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से हिमाचल प्रदेश के लिए 1,500 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई थी, लेकिन उनके अनुसार अभी तक प्रदेश को यह राशि प्राप्त नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने आरडीजी के तहत मिलने वाली सहायता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश को प्रतिवर्ष मिलने वाली 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये की सहायता भी बंद कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के लिए ओपीएस पर कायम है और आने वाले समय में अन्य कर्मचारियों को भी इसका लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पर यूपीएस लागू करने का दबाव है, लेकिन ओपीएस कर्मचारियों के सम्मान से जुड़ा विषय है।
करनडोला में इसी वर्ष खुलेगा एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज
मुख्यमंत्री सुक्खू ने हमीरपुर जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने के प्रयास जारी हैं और इसके लिए हिमाचल प्रदेश ने बोली लगाई है।
उन्होंने नादौन विधानसभा क्षेत्र के करनडोला में इसी वर्ष देश का पहला एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज शुरू करने की घोषणा की। इसके अलावा पॉलिटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में न्यू एज कोर्स शुरू करने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने नादौन विधानसभा क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें हमेशा स्नेह और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाला चुनाव प्रदेश के अधिकारों और हितों का चुनाव होगा।
रैल में विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने रैल में दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का उद्घाटन किया। इसके अलावा 2.10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रैल के भवन तथा 9.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नादौन के अतिरिक्त भवन खंड का शिलान्यास किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने रैल में जन स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया और पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पृथ्वी चंद, उपायुक्त गंधर्वा राठौर सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube