मुख्यमंत्री ने कहा- हिमाचल के हितों के लिए अकेले लड़ी लड़ाई, प्रदेश को हर साल करीब 1200 करोड़ रुपये की आय की उम्मीद
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इन दिनों हमीरपुर जिला के दो दिवसीय दौरे पर हैं। दौरे के दौरान उन्होंने रैल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में नए भवन की आधारशिला रखी और रैल में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया।
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अनुराग ठाकुर को किशाऊ परियोजना के बारे में अपने ज्ञान में वृद्धि करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर पिछले करीब 20 वर्षों से हमीरपुर के सांसद हैं और उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने क्षेत्र की जनता के लिए क्या कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि हिमाचल भाजपा के नेता प्रदेश के हितों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से नहीं उठा पाते हैं।
किशाऊ परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए उन्होंने केंद्र के समक्ष लगातार अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्था में हिमाचल प्रदेश पर परियोजना की बिजली लागत का वित्तीय बोझ आने की स्थिति थी, लेकिन उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया।
हालिया समझौते के बाद हिमाचल के हिस्से की बिजली लागत का अनुमानित करीब 2,000 करोड़ रुपये का बोझ लाभार्थी राज्यों द्वारा उठाए जाने की व्यवस्था बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश को सालाना करीब 1,200 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि परियोजना से हिमाचल को बिजली का हिस्सा भी मिलेगा और राज्य को इसके लिए बिजली उत्पादन की लागत वहन नहीं करनी होगी।
15 सितंबर को हिमाचल प्रदेश समेत छह राज्यों ने किशाऊ परियोजना को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पूर्व भाजपा सरकार के समय वाली व्यवस्था जारी रहती तो हिमाचल को परियोजना के लिए बड़ी वित्तीय देनदारी उठानी पड़ सकती थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने सरकार को हिमाचल के संसाधनों और हितों की रक्षा करने के लिए सत्ता सौंपी है।
किशाऊ परियोजना को लेकर सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से मुख्यमंत्री के दावों पर प्रतिक्रिया भी सामने आई है। अनुराग ठाकुर ने परियोजना के समझौते को केंद्र सरकार के नेतृत्व में छह राज्यों के बीच हुई सहमति का परिणाम बताया और कहा कि लंबे समय से अटके मामले को केंद्र के प्रयासों से आगे बढ़ाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर परियोजना का राजनीतिक श्रेय लेने का आरोप लगाया है।
वहीं, मुख्यमंत्री सुक्खू ने शानन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि शानन परियोजना वर्तमान में पंजाब सरकार के अधीन है और हिमाचल प्रदेश इस परियोजना पर अपने अधिकार को लेकर प्रयास जारी रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के अधिकारों से जुड़े मामलों को सरकार गंभीरता से उठा रही है।
वकीलों की फीस को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई के लिए सरकार ने देश के बड़े वकीलों की सेवाएं ली हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 500 करोड़ रुपये से जुड़े मामलों को हासिल करने के लिए कानूनी लड़ाई जरूरी है और इसके लिए होने वाला खर्च सरकार के लिए महत्वपूर्ण नहीं है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी कई घोषणाएं और जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन को डॉक्टरों के 250 पदों पर भर्ती के लिए रिक्विजिशन भेजी गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही मेडिकल कॉलेजों में 3 टेस्ला MRI मशीनें लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इसके अलावा ऐसी आधुनिक लैब मशीनरी लाने की बात कही गई है, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में ब्लड सैंपल की जांच की जा सके। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक उपकरणों पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी भी हाल में सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में GNM के स्थान पर BSc नर्सिंग शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल क्षेत्र में ऑक्युपेंसी करीब 35 प्रतिशत थी, जिसे अब बढ़ाकर लगभग 60 प्रतिशत तक किया गया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार अक्टूबर महीने में दो नई योजनाएं शुरू करने की तैयारी में है। उनके अनुसार इन योजनाओं के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले करीब दो लाख परिवारों को लाभ देने का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि इन परिवारों की बेटियों को हर महीने 1,500 रुपये देने, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता और 10 लाख रुपये तक का बीमा उपलब्ध करवाने की योजना प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
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