रीब 300 श्रद्धालु यात्रा में हुए शामिल, बर्फ पर फिसलने और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से कई घायल; 30 श्रद्धालुओं को वापस लाने का अभियान जारी
हिमाचल प्रदेश के लाहुल घाटी में पवित्र ड्रिलबुरी पर्वत की परिक्रमा के दौरान मौसम बिगड़ने और भारी बर्फबारी के चलते दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। धार्मिक यात्रा में शामिल कई श्रद्धालु बर्फ पर फिसलने, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस और हाइपोथर्मिया की चपेट में आकर घायल हुए हैं। घायलों में बुजुर्गों और बच्चों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, ड्रिलबुरी पर्वत की परिक्रमा में करीब 300 बौद्ध श्रद्धालु शामिल हुए थे। श्रद्धालु मध्य रात्रि के बाद करीब 2 बजे परिक्रमा के लिए निकले थे। इसी दौरान क्षेत्र में मौसम खराब हो गया और बर्फबारी शुरू हो गई। ऊंचाई वाले क्षेत्र में बर्फबारी और बर्फीले तूफान के कारण श्रद्धालुओं को वापस लौटने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इस घटना में 74 वर्षीय दावा डोवा निवासी दार्जलिंग और 61 वर्षीय यांग्जिन निवासी केलंग, लाहुल-स्पीति की मौत होने की जानकारी सामने आई है। दोनों महिलाओं के शवों को क्षेत्रीय अस्पताल केलंग लाया गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुषमा ने बताया कि ड्रिलबुरी परिक्रमा के दौरान दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिक्रमा से लौटे कई श्रद्धालुओं को चोट लगने और ऊंचाई से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के चलते क्षेत्रीय अस्पताल केलंग लाया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ श्रद्धालु बर्फ पर फिसलने के कारण चोटिल हुए हैं, जबकि कई लोगों में हाई एल्टीट्यूड सिकनेस के लक्षण पाए गए हैं।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण हाई एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, अत्यधिक ठंड और लंबे समय तक बर्फीले मौसम के संपर्क में रहने से हाइपोथर्मिया की स्थिति भी पैदा हो सकती है। परिक्रमा के दौरान मौसम खराब होने के कारण श्रद्धालुओं को इन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, श्रद्धालुओं को सुरक्षित वापस लाने के लिए तीन टीमें तैनात की गई हैं। लाहुल-स्पीति की पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला ने बताया कि दो लोगों की मौत और एक व्यक्ति की हड्डी टूटने की सूचना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचाने के लिए टीमें मौके पर भेजी गई हैं और अभी भी करीब 30 लोग रास्ते में हैं, जिन्हें वापस लाने का प्रयास जारी है।
रात और सुबह हुई ताजा बर्फबारी ने ड्रिलबुरी परिक्रमा के दौरान मुश्किलें और बढ़ा दीं। खराब मौसम के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें रास्ते में फंसे लोगों को सुरक्षित वापस लाने में जुटी हुई हैं।
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