अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले में प्राचीन खेलों को मिला नया जीवन, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने संस्कृति संरक्षण पर दिया जोर
अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले के ऐतिहासिक अवसर पर चम्बा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चम्बा चौगान में पारंपरिक कौडी प्रतियोगिता का भव्य आगाज़ हुआ। प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने किया। इस अवसर पर चम्बा सदर के विधायक नीरज नैय्यर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह में कौडी एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष डॉ. संजीव सूरी ने मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
डॉ. संजीव सूरी ने बताया कि प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए 17 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो पूरी व्यवस्था संभाल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस पारंपरिक खेल को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस वर्ष प्रतियोगिता में कुल 128 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
प्रतियोगिता के विजेता दल को 51 हजार रुपये और उपविजेता टीम को 31 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी अनूठी संस्कृति और सांस्कृतिक पहचान के लिए पूरे देश में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन इतिहास से जुड़े पारंपरिक खेलों को संरक्षित करना और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने कौडी खेल को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 52 हजार रुपये की अतिरिक्त पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
वहीं, विधायक नीरज नैय्यर ने भी प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अपनी ओर से 11 हजार रुपये देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेंद्र भारद्वाज, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमित भरमौरी, जिला परिषद उपाध्यक्ष लियाकत अली, उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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