सुल्तानपुर, घोलटी, हरदासपुर, माई का बाग और परेल सबसे अधिक प्रभावित, विधायक नीरज नैय्यर ने किया दौरा, राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश
चंबा जिले में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश के चलते स्थानीय नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे भारी मात्रा में पानी और मलबा रिहायशी इलाकों में घुस गया। इस प्राकृतिक आपदा में कई घरों, सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, जबकि लोगों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा।
बारिश का सबसे अधिक असर सुल्तानपुर, घोलटी, हरदासपुर, माई का बाग और परेल क्षेत्रों में देखने को मिला। इन इलाकों में कई घरों में कीचड़ और मलबा भर गया, जबकि सड़कों के किनारे खड़े दर्जनों वाहन मलबे के नीचे दब गए। चंबा डिग्री कॉलेज परिसर भी जलभराव और मलबे की चपेट में आ गया, जिससे परिसर में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।
घोलटी क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक शिव मंदिर और पेयजल स्रोत को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नुकसान से धार्मिक आस्था के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से पहले नालियों को चौड़ा करने और सुरक्षा दीवारों के निर्माण की मांग कई बार उठाई गई थी, लेकिन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। उनका आरोप है कि यदि पहले से उचित इंतजाम किए गए होते तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक नीरज नैय्यर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उनके साथ एसडीएम चंबा चिराग शर्मा, नगर परिषद चंबा की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल, नगर परिषद अध्यक्षा भुवनेश्वरी गुलाटी, कनिष्ठ अभियंता नितिका ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए।
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