हमीरपुर।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा ईवीएम पर दिए गए बयान को उनकी 'हताशा और निराशा' का प्रमाण करार दिया है।
बंगाल समेत तीन राज्यों में भाजपा की जीत के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्ष ने अपनी हर हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने को अपनी आदत बना लिया है।
"उसी प्रक्रिया से खुद मुख्यमंत्री बने हैं सुक्खू"
अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सुक्खू जी यह क्यों भूल जाते हैं कि वह खुद भी उसी ईवीएम और उसी चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से चुनकर मुख्यमंत्री बने हैं।
उन्होंने सवाल किया कि अगर बंगाल और असम में ईवीएम हैक होती है, तो हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस की जीत को क्या माना जाए? उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत पर हाय-तौबा मचाना और अन्य राज्यों में गठबंधन की जीत पर चुप्पी साधना कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
राहुल गांधी के नाम होगा 100 हारों का रिकॉर्ड
सांसद ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस अब तक 99 चुनावों में हार का सामना कर चुकी है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2027 तक राहुल गांधी चुनावी हारों का 'शतक' पूरा करने का रिकॉर्ड बनाएंगे।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस अपनी कमियों पर आत्मचिंतन करने के बजाय कभी ईवीएम को बैन करने की बात करती है, तो कभी बैलेट पेपर वापस लाने की मांग करती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कांग्रेस की स्थिति वैसी ही है कि धूल उनके अपने चेहरे पर थी, और वो उम्र भर आईना साफ करते रहे।"
चुनावी सुधारों का विरोध बेबुनियाद
अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने ब्रिटिश काल के हजारों पुराने कानूनों को खत्म कर जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। चुनाव आयोग ने भी पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई सुधार किए हैं, लेकिन कांग्रेस बिना किसी ठोस आधार के इनका विरोध कर रही है।
उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे जनभावनाओं और जनादेश का अपमान करना बंद करें और अपनी नीतियों पर ध्यान दें, क्योंकि जनता अब उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।