जोलसप्पड़ में अकादमिक ब्लॉक का उद्घाटन, कई परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन किए; पीजी की 320 सीटें बढ़ाने पर जेपी नड्डा का जताया आभार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर के एक दिवसीय दौरे के दौरान जोलसप्पड़ स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज के अकादमिक ब्लॉक का उद्घाटन किया। कॉलेज परिसर पहुंचने पर स्थानीय लोगों, स्टाफ और प्रशिक्षुओं ने उनका स्वागत किया।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। इससे पहले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. रमेश भारती ने उन्हें शॉल, टोपी और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इसके बाद रकड़ियाल में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की कॉलोनी का उद्घाटन किया। उन्होंने हीरानगर के चिल्ड्रन पार्क में स्ट्रीट फूड पार्क और गांव तरोपका में बाल देखभाल संस्थान की आधारशिला भी रखी।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति से संबंधित पत्र कॉलेज परिसर में लगाया गया है, ताकि लोगों को पता चल सके कि कॉलेज को स्वीकृति कब मिली और इसकी नींव किसने रखी।
उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर पर मेडिकल कॉलेज का श्रेय लेने का प्रयास करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुराग ठाकुर को स्वीकृति पत्र पढ़ना चाहिए, ताकि तथ्यों की जानकारी मिल सके।
सुक्खू ने बताया कि हमीरपुर में उत्तर भारत के पहले एलायड कॉलेज की शुरुआत की गई है। यहां रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और डायलिसिस तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसमें पहले चरण में 250 विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा और आगे चलकर एक हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर सकेंगे। अगले वर्ष सीटें बढ़ाने की योजना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, भारत सरकार ने 179 करोड़ रुपये दिए थे, जबकि प्रदेश सरकार अब तक 300 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।
पीजी की 320 सीटें बढ़ाने पर जेपी नड्डा का आभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ। कांग्रेस सरकार के दौरान पीजी सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। उन्होंने बताया कि जून में ही 320 पीजी सीटें बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई थी और सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों को औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।
सुक्खू ने कहा कि पीजी सीटें बढ़ाने के बाद उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात की थी। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए नड्डा का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी है और पीजी सीटों के लिए प्रोफेसरों की जरूरत होती है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली पूर्व भाजपा सरकार के समय स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब थी। उन्होंने कहा कि अगर वह मुख्यमंत्री नहीं बनते तो हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को तैयार होने में दस साल और लग सकते थे।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में जल्द ही दूसरा कॉलेज भी शुरू किया जाएगा और प्रदेश सरकार सस्ता तथा टिकाऊ इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
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