वन विभाग की पहल, पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और स्वच्छता के प्रति किया जाएगा जागरूक; शोर मचाने पर स्पीकर भी होंगे जब्त
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल त्रियुंड ट्रैक पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के बीच वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण और ट्रैकिंग मार्ग को सुरक्षित बनाए रखने के लिए नई पहल की है।
विभाग की ओर से गल्लू से लेकर भागसू के एग्जिट प्वाइंट तक पूरे ट्रैकिंग सर्किट में करीब 50 से 60 नए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों के माध्यम से पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण, स्वच्छता, जंगलों की सुरक्षा और ट्रैकिंग के दौरान शांति बनाए रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा ने बताया कि त्रियुंड ट्रैक पर पर्यटकों को जागरूक करने के लिए अलग-अलग संदेशों वाले साइन बोर्ड डिजाइन किए गए हैं। इन बोर्डों में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, कचरे के उचित निस्तारण और ट्रैकिंग मार्ग पर अपनाए जाने वाले नियमों से संबंधित संदेश शामिल होंगे।
गल्लू से शुरू होकर भागसू के एग्जिट प्वाइंट तक पूरे सर्किट में करीब 50 से 60 साइन बोर्ड स्थापित किए जाएंगे।
शोर मचाने पर 5 हजार रुपये जुर्माना
अमित शर्मा ने बताया कि ट्रैकिंग के दौरान कुछ पर्यटक अपने साथ स्पीकर लेकर चलते हैं और तेज आवाज में संगीत बजाते हैं। इससे न केवल वन्यजीवों को परेशानी होती है, बल्कि प्रकृति का आनंद लेने के लिए आने वाले अन्य पर्यटकों की ट्रैकिंग भी प्रभावित होती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रियुंड ट्रैक पर शोर मचाने वालों के खिलाफ 5 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले पर्यटकों के स्पीकर भी जब्त किए जा सकते हैं। नए साइन बोर्ड के माध्यम से पर्यटकों को इन नियमों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे ट्रैकिंग के दौरान जिम्मेदारी से व्यवहार करें।
स्वच्छ और सुरक्षित ट्रैकिंग मार्ग बनाने पर जोर
वन विभाग का उद्देश्य त्रियुंड ट्रैक को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखना है। इसके लिए पर्यटकों को कचरे का उचित निस्तारण करने, वन्यजीवों को परेशान न करने और जंगलों की सुरक्षा में सहयोग देने के संदेश दिए जाएंगे।
विभाग की इस पहल से उम्मीद है कि पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे।
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