ट्रैक के आसपास बने अस्थायी शेड और मैगी पॉइंट हटाए जाएंगे; त्रियुंड में 240 से अधिक टेंट लगाने की अनुमति नहीं
प्रसिद्ध पर्यटन स्थल त्रियुंड में अवैध कब्जों और अनधिकृत गतिविधियों पर वन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। ट्रैक के आसपास बनाए गए अस्थायी शेड और मैगी पॉइंट्स को हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग राजस्व विभाग के सहयोग से अवैध कब्जे हटाने के लिए 15 दिन का विशेष अभियान भी चलाएगा।
डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा ने बताया कि त्रियुंड में पर्यटकों को सुविधाएं देने के नाम पर कुछ लोग मैगी पॉइंट्स और अस्थायी शेड बना रहे हैं। विभाग ने हाल ही में एक अस्थायी शेड हटाकर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की है।
अमित शर्मा ने कहा कि त्रियुंड ट्रैक के आसपास किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए राजस्व विभाग के सहयोग से 15 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान वन विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रहेगी।
टेंट लगाने के लिए निर्धारित सीमा
डीएफओ ने बताया कि नियमों के अनुसार एक हेक्टेयर क्षेत्र में 80 टेंट लगाने की अनुमति है। त्रियुंड के अलग-अलग स्थानों पर कुल 240 से अधिक टेंट लगाने की अनुमति नहीं है। करथानी और लाका में भी निर्धारित संख्या के अनुसार ही टेंट लगाए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि त्रियुंड में अवैध टेंटिंग के मामले पहले सामने आते रहे हैं, लेकिन ऑपरेटर की तैनाती और टिकट व्यवस्था शुरू होने के बाद ऐसे मामलों में कमी आई है। वन विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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