धरोग पंचायत के कैहड़रू में निजी स्कूल मालिक पर रास्ता बंद करने का था आरोप, तहसीलदार ने दोनों पक्षों में करवाया समझौता
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की ग्राम पंचायत धरोग के गांव कैहड़रू में करीब 100 साल पुराने रास्ते को बंद करने का मामला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सुलझ गया है। तहसीलदार हमीरपुर ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता करवाया और बंद रास्ते को खुलवा दिया। इससे पांच गांवों के लोगों को राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने एक निजी स्कूल के मालिक पर पुराने रास्ते को बंद करने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से रास्ता खुलवाने की मांग की थी। इस संबंध में आदर्श जन विकास सेवा समिति कैहड़रू के सदस्यों ने 28 अक्तूबर को एसडीएम हमीरपुर को ज्ञापन सौंपा था।
मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तहसीलदार हमीरपुर को मौके पर भेजा। राजस्व विभाग की जांच और दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के बाद रास्ता खुलवा दिया गया।
पांच गांवों के लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता
यह रास्ता पांच गांवों के लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन है। ग्रामीण इसी रास्ते से पंचायत कार्यालय, पशु औषधालय और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आते-जाते हैं। रास्ता बंद होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब रास्ता खुलने से ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी।
समिति और पंचायत प्रतिनिधियों ने जताया आभार
रास्ता खुलने पर आदर्श जन विकास सेवा समिति कैहड़रू के प्रधान विक्रम चंद, उपप्रधान सुभाष चंद, अशोक कुमार, रविदत्त शर्मा, रवि शाह, विधि चंद, सचिव दलीप चंद, ग्राम पंचायत प्रधान अनु डोगरा, उपप्रधान संतोष कुमार और वार्ड सदस्य सीमा देवी ने प्रशासन का आभार जताया।
एसडीएम संजीत सिंह ने बताया कि मामले की राजस्व विभाग के माध्यम से जांच करवाई गई थी। तहसीलदार हमीरपुर ने दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता करवाकर रास्ता खुलवा दिया है।
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