NHAI ने 1 नवंबर से यातायात के लिए खोला बाईपास, 593 मीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग और रियूंद खड्ड पर 155 मीटर लंबे पुल का हुआ निर्माण
हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शिमला-मटौर कॉरिडोर के महत्वपूर्ण खंड भंगबार-कांगड़ा (NH-503) परियोजना के तहत निर्मित कांगड़ा बाईपास को 1 नवंबर 2026 से ट्रायल आधार पर यातायात के लिए खोल दिया है।
रियूंद खड्ड पर 155 मीटर लंबे प्रमुख पुल का निर्माण पूरा होने के बाद इस महत्वपूर्ण परियोजना को यातायात के लिए शुरू किया गया है।
4.5 किलोमीटर लंबे बाईपास में सुरंग और पुल शामिल
कांगड़ा बाईपास की कुल लंबाई 4.5 किलोमीटर है। इसमें 593 मीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग, लगभग 477 मीटर की कुल लंबाई वाले तीन प्रमुख पुल, 160 मीटर लंबा वायाडक्ट और 455 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज (ROB)-कम-वायाडक्ट शामिल है। इसके अलावा रियूंद खड्ड पर 155 मीटर लंबा प्रमुख पुल भी बनाया गया है।
8 किलोमीटर की दूरी घटकर 4.5 किलोमीटर रह जाएगी
बाईपास के शुरू होने से यात्रा की दूरी लगभग 8 किलोमीटर से घटकर 4.5 किलोमीटर रह जाएगी। इससे पुराने मार्ग पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से पर्यटन सीजन के दौरान जाम के कारण होने वाली देरी में भी कमी आएगी।
यह बाईपास कांगड़ा, धर्मशाला और मैक्लोडगंज की ओर जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों के लिए आवागमन को सुविधाजनक बनाएगा। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों, स्थानीय व्यापार और आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
NHAI ने वाहन चालकों से की सावधानी बरतने की अपील
NHAI ने स्पष्ट किया है कि बाईपास को फिलहाल ट्रायल आधार पर यातायात के लिए खोला गया है। प्राधिकरण ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सड़क पर लगे साइन बोर्ड और यातायात नियमों की अनुपालना करने तथा वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मार्ग पर तैनात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।
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