सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेटों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रहित की शपथ ली
वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने की। इस अवसर पर विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेटों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता बनाए रखने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की शपथ ली।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार द्वारा एनसीसी एयर विंग और आर्मी विंग के कैडेटों, विद्यार्थियों तथा शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाने के साथ हुआ।
एनसीसी एयर विंग मंडी के फ्लाइट कमांडर एवं एसोसिएट एनसीसी अधिकारी फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन ने कैडेटों से ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’, ‘एकता हमारी शक्ति, अनुशासन हमारी पहचान’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने सरदार पटेल को आधुनिक और एकीकृत भारत का महान शिल्पकार बताते हुए देशी रियासतों के भारतीय संघ में विलय और भारत की राजनीतिक एकता को मजबूत करने में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
डॉ. चमन ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रभक्ति, दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन, कुशल नेतृत्व और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने 1928 के बारडोली सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों के अधिकारों के लिए उनके नेतृत्व के कारण उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वतंत्रता के समय 562 से अधिक रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल ने निर्णायक भूमिका निभाई और स्वतंत्र भारत की प्रशासनिक व्यवस्था तथा अखिल भारतीय सेवाओं को मजबूत बनाने में योगदान दिया।
उन्होंने एनसीसी कैडेटों से जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के प्रहरी बनने, विविधता का सम्मान करने तथा समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उनके अनुसार, एकता राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है और अनुशासन जिम्मेदार नागरिक के चरित्र का प्रतीक है।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट डॉ. बलबीर सिंह ने भी राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखे।
पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में शामिल सहायक आचार्य योगराज ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने सरदार पटेल की तुलना जर्मनी के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ओटो वॉन बिस्मार्क से की तथा बारडोली और खेड़ा सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
भाषण प्रतियोगिता में कैडेट हिना ने प्रथम, कैडेट विवेक ने द्वितीय और कैडेट कविता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में कैडेट सुनील प्रथम, कैडेट भूमिका द्वितीय और कैडेट कविता तृतीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम में एनसीसी एयर विंग और आर्मी विंग के सैकड़ों कैडेटों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और कैडेटों में राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा की भावना को मजबूत करना रहा।
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