डॉ. जोगिंद्र हाब्बी और कैलाश शर्मा के नेतृत्व में कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा और हाटी नाटी से मोहा दर्शकों का मन
गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की समृद्ध हाटी संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सिरमौर के 80 लोक कलाकारों ने पारंपरिक हाटी नृत्य की शानदार प्रस्तुति
दी। डॉ. जोगिंद्र हाब्बी और कैलाश शर्मा के नेतृत्व में कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोक नृत्य के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय मंच पर सिरमौर की संस्कृति
एकता नगर के परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के तत्वावधान में सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के 80 कलाकारों ने हाटी लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। सांस्कृतिक दल का नेतृत्व राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार डॉ. जोगिंद्र हाब्बी और कैलाश शर्मा ने किया।
पारंपरिक वेशभूषा और हाटी नाटी ने बांधा समां
सिरमौरी कलाकार घाघटू, झगटू, ढाठू, लोइया, सूथन, डांगरा, गातरा और टोपी जैसे पारंपरिक परिधानों से सुसज्जित होकर मंच पर उतरे। कलाकारों ने हाटी संस्कृति की पारंपरिक नृत्य शैली के माध्यम से सिरमौर की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में विख्यात लोक गायक चंद्र मोहन ठाकुर के साथ चमन लाल, डॉ. ईश्वर शर्मा, महिमा नंद और अन्य वरिष्ठ सहयोगियों एवं कला विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कलाकारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
पांच हजार कलाकारों की सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुति
डॉ. जोगिंद्र हाब्बी के अनुसार, 22 से 30 अक्टूबर तक लगभग पांच हजार कलाकारों ने सामूहिक सांस्कृतिक कोरियोग्राफी का पूर्वाभ्यास किया। इसके बाद 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष लगभग 12 मिनट की भव्य प्रस्तुति दी गई।
इस सांस्कृतिक आयोजन में देश की 50 से अधिक लोक नृत्य विधाओं और आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियों को शामिल किया गया। गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग तीन हजार और अन्य राज्यों से करीब दो हजार कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 'वंदे मातरम्' और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना के साथ राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक विविधता का संदेश दिया गया।
डॉ. जोगिंद्र हाब्बी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस जैसे गौरवशाली समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष गिरिपार क्षेत्र की हाटी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन लोक परंपराओं को नई पहचान देने और विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों के बीच एकता एवं भाईचारे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सांस्कृतिक एकता का संदेश
समारोह में संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा द्वारा 'वंदे मातरम्' गीत पर आधारित नृत्य की कोरियोग्राफी की गई। वहीं, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के कलाकारों ने 'नक्सल मुक्त भारत' विषय पर नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की।
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का आयोजन गुजरात सरकार, युवा सेवा एवं खेल विभाग, केंद्रीय गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों, संगीत नाटक अकादमी और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube