नूरपुर सिविल अस्पताल की चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. श्वेता भाटिया ने अभिभावकों को दी सलाह, लक्षण दिखने पर तुरंत करवाएं चिकित्सकीय जांच
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों की जागरूकता बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों में होने वाले पीलिया के लक्षणों की समय रहते पहचान और उचित उपचार आवश्यक है। सिविल अस्पताल नूरपुर में तैनात चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. श्वेता भाटिया ने बच्चों में पीलिया के लक्षणों, बचाव और उपचार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. श्वेता भाटिया ने बताया कि बच्चों में पेट दर्द, दस्त, उल्टियां, आंखों का पीला पड़ना और त्वचा में पीलापन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण सामने आने पर अभिभावकों को सतर्क हो जाना चाहिए और बच्चे की चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए।
साफ पानी और स्वच्छता से करें बचाव
डॉ. भाटिया ने बताया कि पीलिया से बचाव के लिए बच्चों में शुरू से ही स्वच्छता की आदतें विकसित करना जरूरी है। खाना खाने से पहले और शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद बच्चों के हाथ साबुन और पानी से अच्छी तरह धुलवाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को हमेशा साफ और सुरक्षित पानी पिलाएं। पानी उबालकर या उचित फिल्टर से साफ करके ही इस्तेमाल करें। घर में आने वाले फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद ही उनका सेवन या उपयोग करें।
लक्षण दिखने पर डॉक्टर से करवाएं जांच
डॉ. श्वेता भाटिया ने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चे में पीलिया से जुड़े लक्षण दिखाई दें तो मेडिकल स्टोर से अपने स्तर पर दवाइयां न दें। बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जाकर चाइल्ड स्पेशलिस्ट से जांच करवाएं और उचित उपचार शुरू करवाएं।
उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य परिवार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सावधानी, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद मिल सकती है।
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