शिक्षा, रोजगार, विवाह और आवास के लिए अनुदान; अनाथ एवं अर्ध-अनाथ बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में प्रदेश सरकार की पहल
हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना अनाथ एवं अर्ध-अनाथ बच्चों के सुरक्षित भविष्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत मंडी जिले में 791 बच्चों को लाभान्वित किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 और 30 सितंबर 2026 तक योजना पर कुल 12 करोड़ 94 लाख 74 हजार 392 रुपये खर्च किए गए हैं।
योजना का उद्देश्य अनाथ एवं बेसहारा बच्चों को आर्थिक सहायता देने के साथ उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, आवास और सामाजिक सुरक्षा के अवसर उपलब्ध करवाना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और अपने भविष्य के फैसले स्वयं लेने में सक्षम बन सकें।
सामाजिक सुरक्षा और त्योहारों के लिए आर्थिक सहायता
योजना के तहत पूर्ण अनाथ बच्चों को 4,000 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा राशि प्रदान की जा रही है। बाल एवं बालिका देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार 1,000 रुपये और 2,500 रुपये प्रतिमाह सहायता दी जाती है। मंडी जिले में सामाजिक सुरक्षा के लिए 6.53 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त, पोषण अनुदान के रूप में लगभग 51 लाख रुपये दिए गए हैं। संस्थानों में रहने वाले बच्चों को दीपावली सहित अन्य त्योहार मनाने के लिए प्रति बच्चा, प्रति त्योहार 500 रुपये दिए जाते हैं। जिले में इस मद के तहत 33 लाख रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है।
शिक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता
योजना के तहत बच्चों की शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आर्थिक परिस्थितियों के कारण उनकी पढ़ाई बाधित न हो और वे अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुसार आगे बढ़ सकें।
मंडी जिले में 72 पूर्ण अनाथ बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए लगभग 36 लाख रुपये की सहायता दी गई है। वहीं, 50 बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 26 लाख रुपये से अधिक प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा, 23 बच्चों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 42.46 लाख रुपये की सहायता दी गई है।
‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा प्राप्त बच्चों को एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जाता है। हाल ही में मंडी जिले के बच्चों का एक दल बाघा बॉर्डर और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कर चुका है।
विवाह और मकान निर्माण के लिए अनुदान
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को विवाह और मकान निर्माण के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मंडी जिले में 65 लाभार्थियों को विवाह अनुदान के रूप में 1.29 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं, 108 पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए 2.10 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है।
कनैड क्षेत्र के गौरव ने गृह निर्माण और विवाह के लिए अनुदान मिलने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। सरकाघाट क्षेत्र के साहिल ने भी मकान निर्माण के लिए सहायता मिलने पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
भूमिहीन बच्चों को भूमि आवंटित
योजना के अंतर्गत पूर्ण अनाथ बच्चों को भूमि आवंटित करने का भी प्रावधान है। मंडी जिले में तीन भूमिहीन लाभार्थियों को दो-दो बिस्वा भूमि प्रदान की गई है। यह पहल उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है।
सामाजिक सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी जिले में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। पात्र बच्चों की पहचान और नियमित निगरानी के माध्यम से योजना के उद्देश्यों को धरातल पर उतारा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों का कल्याण केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें शिक्षा, कौशल, आवास और आजीविका के अवसरों से जोड़ना भी आवश्यक है, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
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